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गणेश चतुर्थी 2018: लग्न अनुसार गणेश आराधना करने से होगी हर मनोरथ पूरी

गणेश चतुर्थी 2018: लग्न अनुसार गणेश आराधना करने से होगी हर मनोरथ पूरी
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Tanvi Sharma

•

Sep 08, 2018

ganesh chaturthi

गणेश चतुर्थी 2018: लग्न अनुसार गणेश आराधना करने से होगी हर मनोरथ पूरी

गणेश जी को सभी देवताओं में प्रथमपूज्य माना जाता है। सभी मंगल कार्यों में या किसी भी पूजा में सबसे पहले गणपति जी को पूजा जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी 13 सितंबर को मनाई जाएगी और इस दिन से गणेशोत्सव शुरु होगा। गौरीपुत्र गणेशजी का पूजन देव, दानव, किन्नर व मानव सभी द्वारा किया जाता है। सच्चे मन से की गई गणेश जी की आराधना से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। गणपति जी अपने भक्त के सभी दुखों को हर लेते हैं और उसे आशीर्वाद प्रदान करते हैं। वहीं विघ्नहर्ता के स्वरुप की पूजा करने वे आपके सभी कष्टों का हरण करते हैं।

गजानन महाराज की पूजा यदि आप अपने लग्न के अनुसार करें तो इससे आपको कई गुना लाभ प्राप्त होगा। आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी साथ ही आपकी कुंडली दोष भी दूर होंगे। लेकिन लग्न अनुसार पूजा करने के लिए आपको अपनी कुंडली से लग्न जानना होगा। आइए जानते हैं कैसे जानें अपना लग्न

लग्न जानने के लिए सबसे पहले आप अपनी कुंडली में प्रथम स्थान देखें और उसमें लिखा अंक देखें। जो अंक लिखा होगा वही आपका लग्न होगा। जैसे 1 लिखा है तो मेष, 2 लिखा है तो वृषभ, 3 लिखा है तो मिथुन,4 लिखा है तो कर्क लग्न होगा इसी प्रकार सभी राशियों का कर्मअनुसार अाप अपना लग्न जान लें उसके बाद आप इसके अऩुसार पूजन शुरु करें और मंत्रोच्चारण करें।

1.मेष लग्न : यदि आपका लग्न मेष है तो आप गणेश जी की मूर्ति के सामने इस मत्र का जप करें आपकी मनोकामना पूरी होगी 'ॐ धूम्रवर्णाय नम:'

2.वृषभ लग्न : इस लग्न वाले जातक गणेश जी की आराधना करते समय इस मंत्र का जप करें शुभता प्राप्त होगी 'ॐ गजकर्णाय नम:'

3.मिथुन लग्न : इस लग्न के जातक इस मंत्र का जाप करें लाभदायक रहेगा व इच्छित फल की प्राप्ति होगी 'ॐ गणाधिपाय नमः'

4.कर्क लग्न : इस लग्न के जातक 'ॐ विश्वमुखाय नम:' मंत्र का जाप करें , इससे आपको मनोवांछित फल प्राप्त होगा

5.सिंह लग्न : इस लग्न वाले जातकों के लिए इस मंत्र का जप सर्वश्रेष्ठ है 'ॐ गजाननाय नम:'गणपति आपके सभी कष्टों को करेंगे दूर

6.कन्या लग्न : इस लग्न के जातक लंबोदर की आराधना कर इस मंत्र का जप करें शुभदाई रहेगा'ॐ ज्येष्ठराजाय नमः'

7.तुला लग्न : इस लग्न के जातक इस गणेशोत्सव उक्त मंत्र का जप करें 'ॐ कुमारगुरवे नमः' सफलता प्राप्त होगी।

8. वृश्चिक लग्न : इस मंत्र 'ॐ ईशानपुत्राय नमः' के जप से इस लग्न वाले जातकों को इच्छित फल की प्राप्ति होती है व कष्टों का नाश होता है

9. धनु लग्न : इस लग्न के जातक गणपति जी की पूजा के साथ-साथ इस मंत्र का जप करें 'ॐ गणाधिराजाय नमः'

10. मकर लग्न : इस लग्न के व्यक्तियों को इस मंत्र का जप करना चाहिए अच्छा फल मिलेगा 'ॐ गजकर्णकाय नमः'

11.कुंभ लग्न : इस लग्न वाले जातक गणेश जी की आराधना करते समय इस मंत्र का जप करें 'ॐ निधिपतये नमः'

12.मीन लग्न : इस लग्न के जातक लंबोदर की आराधना कर इस मंत्र का जप करें 'ॐ शुभाननाय नमः'