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Shanidev- शनि की शुभ दृष्टि से बदल जाता है व्यक्ति का भाग्य, ऐसे करें शनिवार को प्रसन्न

- प्रसन्न शनिदेव हर कामना पूरी करते हैं - ऐसे पाएं शनिदेव की कृपा
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Deepesh Tiwari

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Updated: 28 Oct 2022, 6:40 PM IST

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नवग्रहों में से शनि को न्याय का देवता माना जाता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में ये भी माना गया है कि जिस किसी पर सूर्य पुत्र शनि की कृपा दृष्टि होती है तो उसी क्षण से उसका भाग्योदय शुरू हो जाता है। यहां ये बात भी खास है कि प्रसन्न शनि जातक को ऐसा आशीर्वाद प्रदान करते हैं जिसके प्रभाव से व्यक्ति को वह चीजों व सुख तक प्राप्त हो जाता है जो अन्य किसी ग्रह के प्रसन्न होने से तक नहीं मिल पाता।

ज्ञात हो कि शनिदेव केवल उन्हीं लोगों से प्रसन्न होते हैं, जो न्याय के मार्ग पर चलते हैं। इसका कारण यह है कि वे न्याय के देवता हैं और सच्चे व अच्छे कर्म वालों को ही अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैंं। ऐसे में यदि आप भी चाहते हैं कि शनिदेव का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे, तो इसके कुछ विशेष उपाय हैं जिनके संबंध मे मान्यता है कि इन्हें अपनाने से शनिदेव आप पर सदैव प्रसन्न रहेंगे।

1. सदैव ऐसा कर्म करें जो दूसरों की भलाई से जुड़ा हो, साथ ही कोई अनुचित कम न करें।

2- हर शनिवार को काले तिल के साथ आटा और शक्‍कर मिलाकर उसे चींटियों के खाने के लिये डालें।

3- शनि दोषों से मुक्ति पाने के लिए उनके इन नामों का 108 बार जप करें। नाम इस प्रकार है- कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद, पिप्पलाश्रय।

3- शनिवार के दिन काले तिल, काला कपड़ा, कंबल, लोहे के बर्तन, उदड़ की दाल का दान करें। इससे शनि देव खुश होकर शुभ फल देते हैं।

4- शनिवार के दिन बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं और श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें। माना जाता है कि ऐसा करने से शनि दोषों से काफी हद तक बचाव हो जाता है।

5- शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करें अैर उन्हें नीले रंग के फूल अर्पित करें।

6- शनिवार के दिन इस शनि मंत्र ।। ऊँ शं शनैश्चराय नमः ।। का रुद्राक्ष की माला से 108 बार जप करने से शनिदेव की कृपा हमेशा बनी रहती है।

7- अगर कुंडली के अनुसार शनि आपको परेशान कर रहा है तो लगातार 40 दिनों तक शनिदेव के मंत्रों का जप एवं श्री शनि चालीसा का पाठ सुबह शाम करने से सभी तरह के शनि दोषों से मुक्ति मिलने लगती है।

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8- वहीं शनि के कुप्रभावों को सीमित करने के लिए काले घोड़े की नाल या नाव की कील से बनी अंगूठी बनाकर अपनी मध्यमा उंगली में शनिवार के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त बीच कभी भी ऊँ शनिदेवाय नमः मंत्र का 108 बार जप करके पहन लें।

शनिदेव को प्रसन्न करने के ये भी है उपाय (मान्यता के अनुसार)...
शनिवार को शनि देव को प्रसन्न कर उनका आर्शीवाद बनाए रखना चाहते हैं, तो इन आसान से उपायों को करके आप ऐसा कर सकते हैं-

1. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सूर्योदय से पहले पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि शनि देव को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल में लोहे की कील डालकर चढ़ाएं। शनि देव की पूजा हमेशा सूर्य निकलने से पहले या सूर्यास्त के बाद ही करनी चाहिए।

2. शनि को देव को प्रसन्न करने के लिए 43 दिन तक लगातार शनि देव की मूर्ति पर तेल चढ़ाएं, यह कार्य सिर्फ रविवार के दिन ये नहीं करना है।

3. शनिवार के दिन शनि यंत्र स्थापित करें। फिर प्रतिदिन विधि-विधान से इस यंत्र की पूजा करने से शनि की कृपा प्राप्त होती है। इतना ही नहीं नियमित तौर से यंत्र के सामने सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं।

4. पीपल के पेड़ के चारों ओर शनिवार के दिन कच्चा सूत का धागा 7 बार लपेटें. इतना ही नहीं, इस दिन शनि मंत्र का जाप करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

5. शनिदेव को प्रसन्न करने में उपवास और दान करने का भी काफी महत्व है। माना जाता है कि इस दिन काली गाय को उड़द की दाल, तेल या तिल खिलाने से शनिदेव शांत होते हैं।

6. मान्यता के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ने वाले इंसान पर कभी भी शनि देव की खराब दृष्टि नहीं पड़ती, इसलिए प्रत्येक शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ करें।

7. शनिदेव की कृपा बनाए रखने के लिए शनिवार को गरीब या जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। इसके अलावा यदि संभव हो तो किसी जरूरतमंद को दवा दिलाएं। माना जाता है कि ऐसा करने से भी शनिदेव की कृपा बनती है।