इंदौर. शहर में रविवार शाम तेज हवा के साथ ही बारिश और ओले गिरने से बिजली व्यवस्था चौपट हो गई थी। शाम 4 बजे से लेकर देर रात तक कई इलाके अंधेरे में रहे तो वहीं सोमवार की सुबह से शाम तक भी कई क्षेत्रों में बिजली नहीं पहुंची। करीब 10 घंटे तक बिजली अमला जुटा रहा। एमडी खुद देर रात तक फोन पर जानकारी लेते रहे, फिर भी कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। सोमवार सुबह 4 हजार शिकायतें कंपनी के पास पहुंचीं। ऐसे में स्पष्ट है कि शहर में मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। खंभों पर लटते पेड़, झूलते तार, सैंकड़ों डीपी के ढक्कन खुले, हवा चलने से टकराते तार और ऐसे न जानें कितनी अव्यवस्थाएं शहरभर में नजर आती हैं, जिनका खामियाजा जनता और विद्यार्थियों को रातभर जागकर परेशानी के बीच भुगतना पड़ता है। तेजी से बढ़ते शहर में उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाकर इतिश्री करने वाली बिजली कंपनी को अब खुद को स्मार्ट बनाना जरूरी है, नहीं तो बारिश के मौसम में और परेशानी बढ़ेगी।
छावनी अनाज मंडी में भीगा गेहूं, चना, सोयाबीन
रविवार को आई तेज बारिश से छावनी अनाज मंडी में व्यापारियों द्वारा खरीदा गया गेहूं, चना व सोयाबीन भीग गया। बारिश से बचाने के लिए उसे तिरपाल से ढंककर रखा गया। इंदौर अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ के ज्वाइंट सेक्रेटरी आशीष मूंदड़ा ने बताया, गर्मी के सीजन में अचानक से तेज आंधी बारिश आई, जिससे यह स्थिति बनी। जिन व्यापारियों का खुले में अनाज रखा हुए था, जो भीगा और बह भी गया। बाद में उसे तिरपाल से ढंककर सुरक्षित किया गया।