भीलवाड़ा। शहर के आजादनगर में एक महिला ने घर को ही आवारा श्वानों का आशियाना बना लिया। श्वानों के आंतक से परेशान मोहल्ले वासियों ने मुक्ति की गुहार की तो नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई की। इस दौरान यहां से 95 श्वान मुक्त कराए गए। जबकि तीन श्वान मृत मिले। अधिकांश श्वानों की हालत भी ठीक नहीं पाई गई।
वार्ड नंबर पन्द्ह के बी सेक्टर के बाशिंदों ने सोमवार को पार्षद नैना किशन व्यास की अगुवाई में जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि यहां न्यायिक कर्मचारी अंतिमा जोशी ने निजी आवास पर बड़ी संख्या में श्वानों को पाल रखा है।
श्वानों के आंतक से क्षेत्र के लोग परेशान हैं। रात भर श्वानों के रोने व भोंकने की आवाज उन्हें सोने नहीं देती है। उन्हें खिलाए जाने वाले मांस के कारण दुर्गंध बनी रहती है। इससे यहां श्वांस लेना भी दूभर हो जाता है। बड़े बुजुर्ग व बच्चे भी घरों से नहीं निकल पाते हैं। घटना को लेकर दो बार प्रतापनगर पुलिस थाने को भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। परंतु कोई समाधान नहीं निकला। खेजड़ी वाली माताजी की गली में एक बच्चे को भी काट लिया गया।
जिला कलक्टर संधू ने नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। आयुक्त हेमाराम चौधरी ने एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के प्रभारी डॉ. मोहित सहारण को मय टीम मौके पर भेजा। यहां टीम ने आवास के अंदर बने चार बाडों व परिसर से 95 श्वान मुक्त कराए। तीन श्वान तो मृत मिले। डॉ. सहारण ने बताया कि सुबह 11 बजे रेस्कयू शुरू किया गया जो करीब तीन घंटे चला। सभी श्वानों को बाद में आटूणिस्थत सेंटर पर लाया गया। उनका इलाज करवाया गया।
पूछताछ में अंतिमा जोशी ने बताया कि वह गली मोहल्लों के श्वानों को लेकर चिंतित थी, उनके पालन पोषण के लिए ही वह यहां लेकर आई, उनके खाने पीने की भी उसने व्यवस्था कर रखी थी। डॉ. सहारण ने बताया कि मौके के हालात से समूचा मामला पशु क्रूरता के दायरे में आता है। इधर, आयुक्त चौधरी ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।