भीलवाड़ा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान देवनारायण का प्राकट्य स्थल की भूमि के नमन से आध्यात्मिक ऊर्जा एवं नई प्ररेणा मिलती है। यह तपो भूमि हमारी सांस्कृति धरोहर भी है। यहां आने से हम बहुत कुछ सीखने, समझने और जानने का मौका मिलता है। बिरला ने रविवार शाम को आसींद के मालीसेरी डूंगरी िस्थत भगवान देवनारायण के मंदिर में दर्शन एवं पूजा तथा यज्ञशाला में आहूति देने के बाद आयोजित धर्म सभा में कही। इधर, मंदिर परिसर में बिरला के पूजा अर्चना के साथ ही दो दिवसीय देव महोत्सव कार्यक्रम जालवाला भैरव फाउंडेशन घाटोकर मुम्बई व देवनारायण जालवालाभेरव विकास समिति अमरतिया के तत्वावधान व पुजारी भोजाराम पोसवाल व हेमराज पोसवाल के सानिध्य में शुरू हुए।
धर्म सभा में बिदला ने कहा कि भगवान देवनारायण का जीवन, संघर्ष व कठिनाईयों से गुजरने के बाद भी उनकी भावना सत्यतता, मानव सेवा व जन कल्याण की रही है। उन्होंने कहा भगवान देवनारायण की जहां कृपा रही है वही साडू माता का भी आर्शीवाद है। बिरला ने कहा कि हम लोक गीतों व फड कला के माध्यम से भी बहुत कुछ सीखने एवं जन कल्याण के बहुत कुछ करने का मौका मिलता है।
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने करीब छह मिनट के उद्बोधन के दौरान गुजर समाज के तप, शौर्य व जल कल्याण की भावना की सरहाना की। उन्होंने कहाकि खुशी है कि गुर्जर समाज ही नहीं वरन समूचा समाज प्ररेणा स्रोत है। बिरला के उद्बोधन के दौरान देव भक्त जयघोष करते रहे। धर्म सभा में केन्द्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी व गृह राज्य मंत्री जवाहर बेढ़म व ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।