
Mahalaxmi Vrat
नई दिल्ली। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को महालक्ष्मी व्रत (Mahalaxmi Vrat) शुरू होता है जो 16 दिनों बाद आश्विन माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी तक चलता है। इस बार ये व्रत 25 अगस्त से प्रारंभ हुआ है। जिसकी समाप्ति 10 सितंबर को होगी। इस दिन व्रत रखकर महालक्ष्मी व्रत कथा सुनी जाती है। इस कथा में लक्ष्मी प्राप्ति का यह भेद बताया गया है। लेकिन महालक्ष्मी व्रत में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
पूजन के दौरान ध्यान रखें ये बातें
1- महालक्ष्मी व्रत में हाथी का भी पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा सोना आठ गुना बढ़ता है।
2- महालक्ष्मी व्रत के दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बनाकर उस पर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापना करनी चाहिए। इसके बाद मूर्ति के सामने श्रीयंत्र और सोने-चांदी के सिक्के रखें। इससे घर में धन की कमी नहीं पड़ती है।
3- महालक्ष्मी व्रत में महालक्ष्मी मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दिन मां लक्ष्मी के 8 रूपों की पूजा करनी चाहिए। इससे मां लक्ष्मी का साथ हमेशा बनी रहती है।
4- महालक्ष्मी व्रत के दौरान पूजन करते समय पानी से भरे कलश को पान के पत्तों से सजाकर मंदिर में रखना चाहिए और उसके ऊपर नारियल रखना चाहिए। इसके साथ कलश के पास हल्दी से कमल बनाएं और उस पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें।
5- महालक्ष्मी व्रत में पूजन के लिए मिट्टी का हाथी जरूर लाए। पूजन से पहले इसे सोने के आभूषणों से भी सजाएं। इससे पूरे परिवार की तरक्की होती है।
6- महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने श्रीयंत्र को रखकर कमल के फूल से उसकी भी पूजा करें। माना जाता ह कि श्रीयंत्र के बिना मां लक्ष्मी की पूजा पूरी नहीं होती।
Published on:
09 Sept 2020 12:33 pm
