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बड़ी कार्रवाई: ट्रेचिंग ग्राउंड के कचरा घोटाले में सीएमओ और उपयंत्री निलंबित

-पत्रिका ने ट्रेंचिंग ग्राउंड कचरा घोटाले को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थी। बैतूल। शहर के गौठाना स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में हुए कचरा घोटाले में आखिरकार शासन को एक्शन लेना पड़ा। मामले में नगरपालिका सीएमओ और उपयंत्री को दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर द्वारा नगर पालिका परिषद बैतूल अंतर्गत किदवई […]

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-पत्रिका ने ट्रेंचिंग ग्राउंड कचरा घोटाले को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थी।

बैतूल। शहर के गौठाना स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में हुए कचरा घोटाले में आखिरकार शासन को एक्शन लेना पड़ा। मामले में नगरपालिका सीएमओ और उपयंत्री को दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर द्वारा नगर पालिका परिषद बैतूल अंतर्गत किदवई वार्ड गौठाना स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में लीगेसी वेस्ट डंप साइट रेमेडिएशन परियोजना के कार्य निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप न किए जाने की शिकायत पर गठित जांच दल का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि नगर पालिका परिषद बैतूल द्वारा निविदा शर्तों के अनुरूप कार्य निष्पादन नहीं होने के बावजूद ठेकेदार को अनियमित रूप से भुगतान किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा नगर पालिका परिषद बैतूल में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया तथा उपयंत्री जतिन पाल को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में मटसेनिया का मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग नर्मदापुरम रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इसी प्रकार निलंबन अवधि में उपयंत्री जतिन पाल का मुख्यालय भी संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग नर्मदापुरम रहेगा और उन्हें भी नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
यह है मामला
करीब तीन माह पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने जिला पंचायत सभाकक्ष में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान ट्रेंचिंग ग्राउंड में पुराने कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन के नाम पर ठेकेदार को अधिक भुगतान किए जाने का मामला उठाया था। विधायक के निर्देश पर कलेक्टर ने तत्काल जांच कराने और रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर गठित पहले जांच दल में एसडीएम, पीडब्ल्यूडी के ईई और अन्य अधिकारी शामिल थे। इस दल ने प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट तैयार की, लेकिन बाद में यह कहकर मामला अटका दिया गया कि तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ विभागों की जरूरत है। इसके बाद दोबारा तकनीकी जांच के लिए दूसरा दल गठित किया गया, जिसमें एमपीआरआरडीसी, माइनिंग और आरईएस विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया। इस दल ने मौके का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी थी। जिसके बाद रिपोर्ट करीब एक महीने तक दबी रही। 17 फरवरी को जब गौठाना क्षेत्र के रहवासियों ने ट्रेंचिंग ग्राउंड की बदबू से परेशान होकर स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया तो विधायक हेमंत खंडेलवाल ने मामले में नाराजगी व्यक्त की थी और शासन को पत्र लिखा था। जिसके बाद नर्मदापुरम संभागायुक्त ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण करने बैतूल आए थे और उन्होंने रहवासियों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद बुधवार देर शाम को संभागायुक्त ने सीएमओ और उपयंत्री को निलंबित कर दिया।