
मोहन की यादें ताजा: सफेद बाघ का नामकरण
व्हाइट टाइगर सफारी पहुंचे उप मुख्यमंत्री, रेप्टाइल हाउस का किया निरीक्षण
सतना. महाराजा मार्तण्ड ङ्क्षसह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी एवं जू सेंटर मुकुंदपुर में 15 जनवरी को शिफ्ट किए गए सफेद बाघ को नया नाम दिया गया है। अब इस 6 महीने के सफेद बाघ को 'मोहनÓ के नाम से पुकारा जाएगा। यह शावक, मोहन के वंशज है, जो विश्वभर में प्रसिद्ध सफेद बाघ के रूप में जाना जाता है। उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने रविवार को अपने भ्रमण के दौरान मोहन के नाम को जीवित रखने के उद्देश्य से इस शावक को पुन: मोहन नाम दिया। यह नाम क्षेत्र के सफेद बाघों के पितामह मोहन की याद को ताजा करता है।
रघु, टीपू व सोनम….
पहले यहां तीन सफेद बाघ रघु, टीपू और बाघिन सोनम थे। जनवरी महीने में इस परिवार में एक नया मेहमान आया। इस नन्हें शावक को मोहन नाम दिया गया है। पर्यटकों के लिए यह एक नया आकर्षण होगा, क्योंकि सफेद बाघों को देखने का रोमांच ही अलग होता है। दूर-दूर से आने वाले लोग अब रघु, टीपू, सोनम के साथ मोहन को भी पुकारते नजर आएंगे।
सबसे छोटा व्हाइट टाइगर
एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ग्वालियर से लाया गया यह सफेद बाघ मुकुंदपुर का सबसे छोटा व्हाइट टाइगर है। इसकी उम्र मात्र 6 महीने है। मुकुंदपुर में पहले से मौजूद सफेद बाघों में टीपू 8 साल, रघु 9 साल और सोनम लगभग 6 साल की है।
रेप्टाइल हाउस का निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने रेप्टाइल हाउस का भी निरीक्षण किया। साथ ही रेप्टाइल हाउस में रखे जाने वाले सर्प के प्रजातियों के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक रीवा वन वृत्त राजेश राय, वनमंडलाधिकारी सतना मयंक चांदीवाल, मुकुंदपुर जू के संचालक सूरज ङ्क्षसह सेन्द्राम, क्यूरेटर बीनू ङ्क्षसह, वन समिति जिला पंचायत सतना के सभापति हरीश कांत त्रिपाठी व अन्य लोग रहे।
Published on:
03 Mar 2025 06:58 pm
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