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भीलवाड़ा में मॉक ड्रिल 7 मई को, कलक्टर जसमीत सिंह संधू बोले, सायरन व ब्लैक आउट से ना घबराए से ना घबराए

केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार बुधवार 7 मई को जिले में सिविल डिफेंस अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।

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भीलवाड़ा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार बुधवार 7 मई को जिले में सिविल डिफेंस अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।

जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपातकालीन परिस्थितियों में सिविल डिफेंस सहित प्रशासनिक विभागों की प्रतिक्रिया, क्षमता और आपसी समन्वय के आकलन के लिए यह अभ्यास गांव स्तर तक विस्तारित होगा। इस मॉक ड्रिल का एक प्रमुख उद्देश्य आम जनता और युवाओं में आपदा प्रबंधन की समझ विकसित करना भी है।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग केंद्र व राज्य सरकार के निर्देशानुसार हो रहे इस अभ्यास के लिए बेहतर समन्वय कर आपातकालीन स्थिति से निपटने का पूर्वाभ्यास करें। साथ ही, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करें, जिससे इस राष्ट्रव्यापी ड्रिल का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुँचाया जा सके।

जिला कलक्टर ने बताया कि तत्पश्चात केंद्र व राज्य सरकार के निर्देशानुसार ब्लैकआउट किया जाएगा, जिसमें आमजन की पूर्ण रूप से सहभागिता के साथ आपातकालीन जरूरतों को छोड़कर शेष बिजली तंत्र को कुछ समय के लिए बंद कर ब्लैक आउट की मॉक ड्रिल की जाएगी। समस्त आमजन इस समय अपने घरों एवं आसपास की लाइट्स ऑफ करके ब्लैकआउट को सफल बनायें ।

जिला कलक्टर संधू ने बताया कि पूर्व अभ्यास के दौरान हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण, भारतीय वायुसेना के साथ हॉटलाइन/रेडियो लिंक की कार्यशीलता की जाँच, नियंत्रण कक्षों की तत्परता और प्रशासनिक समन्वय क्षमताओं का मूल्यांकन, आम नागरिकों एवं छात्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में व्यवहार हेतु प्रशिक्षित करना, ब्लैकआउट जैसे रणनीतिक उपायों की तैयारी सुनिश्चित करना है।

जिला कलक्टर ने मॉक ड्रिल के समय और उसके बाद आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अस्पतालों में जरूरी दवाओं की व्यवस्था करने तथा मेडिकल स्टाफ को समुचित प्रशिक्षण देने के निर्देश प्रदान किए साथ ही आपदा प्रबंधन, अग्निशमन विभाग को आग बुझाने वाले वाहनों, बचाव दल सहित अन्य उपकरणों के समुचित संचालन आदि के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारियों और जिला स्तरीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को जिले की सुरक्षा योजना का गहन अध्ययन करने और उसके अनुसार आपात परिस्थिति के लिए जरूरी संसाधन तैयार करने के भी निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने सिविल डिफेंस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट गाइड विद्यार्थियों के आपात योजना से संबंधित विषयों पर जोर देते हुए कहा कि यह लोग अपने आस-पड़ोस और आमजन को विशेष परिस्थिति से निपटने में मदद करने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होंगे। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि आमजन व विद्यार्थियों को आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार किया जाए।

बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश मेहरा व प्रतिभा देवठिया, जिला परिषद सीईओ चंद्रभान सिंह भाटी, नगर विकास न्यास सचिव ललित गोयल, नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी सहित मॉक ड्रिल से जुड़े विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।