चयनित जनप्रतिनिधियों की परिषद में मुखिया की अनियमितताओं को लेकर अब आवाज बुलंद होने लगी है। पूर्व में सिलोदा सरपंच के खिलाफ पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाया था। अब खालवा तहसील के ग्राम फेफरी सरकार पंचायत सरपंच के खिलाफ पंचों के स्वर मुखर हुए है। एक माह पूर्व लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं होने से सभी पंच मंगलावर को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से सम्मेलन बुलान की मांग की।
ग्राम पंचायत फेफरी सरकार के उप सरपंच रामदास लौवंशी के नेतृत्व में पंचों का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को खंडवा आया। उप सरपंच ने बताया कि फेफरी सरकार की सरपंच संगीताबाई उईके पति राजेश उईके के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। पिछले माह 30 मई को विहित अधिकारी एसडीएम हरसूद को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा गया था, लेकिन अब तक सम्मेलन नहीं बुलाया गया है। ग्राम पंचायत में पंचायत के गठन के बाद अब तक सरपंच ने एक भी मासिक बैठक का आयोजन नहीं किया, जबकि पंचायत राज अधिनियम में पंचों की मासिक बैठक का प्रावधान है।
भ्रष्टाचार की भी शिकायतें
पूर्व में भी सरपंच संगीताबाई राजेश उईके की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की जा चुकी है। मजदूरी का भुगतान, समस्याओं के निराकरण, भ्रष्टाचार जैसी शिकायतें कलेक्टर तक हुई है। सरपंच द्वारा पंचायत के सभी कार्य मनमाने तरीके से किए जाते है। ग्राम में अभी वर्तमान में माताजी मंदिर से लेकर रमेश चंदरसिंग के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य हुआ है। जिसमें सरपंच एवं इंजीनीयर सुनिल सिंग द्वारा घटिया मटेरियल लगा कर निर्माण कार्य किया गया है। यह जांच का विषय है। सरपंच द्वारा मनरेगा एवं पीएम आवास में भी जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है यह भी जाच का विषय है। उपसरपंच और पंच पूनम, साउ, कमल, उषाबाई, रामचंद्र, ममता, लक्ष्मी, निशा ने कहा कि एक तिहाई पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव पर साइन किए है। सभी ने कलेक्टर से शीघ्र सम्मेलन बुलाने की मांग की है।