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अब प्राइमरी में विद्यार्थियों को गतिविधि के जरिए दी जाएगी शिक्षा

-सरकारी स्कूलों में बालवाटिका, पहली और दूसरी कक्षा के 12 लाख विद्यार्थी जादुई पिटारा से शिक्षा लेंगे।

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Jadui pitara

जादुई पिटारा

गुजरात सरकार ने बच्चों को रटने वाली शिक्षा के बजाय गतिविधि आधारित शिक्षा मुहैया कराने की पहल की है। इसके लिए सभी सरकारी बालवाटिका, कक्षा 1 और 2 के 12 लाख से अधिक विद्यार्थियों को जादुई पिटारा के माध्यम से आनंददायक शिक्षा दी जाएगी। जादुई पिटारा के जरिए बच्चों को खेल, कला, संगीत, नवाचार, गतिविधि-प्रोजेक्ट, सहपाठी शिक्षा, अभ्यास, मूल्यांकन जैसी विभिन्न कोशिशों से टॉय बेस शिक्षा देने वाला गुजरात पहला राज्य बनेगा।

शिक्षा विभाग के अनुसार गुजरात सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में बालवाटिका तथा कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए नवाचार जादुई पिटारा योजना शुरू की है।

74 हजार जादुई पिटारा किए जा रहे हैं वितरित

इस योजना के तहत 74,000 से अधिक जादुई पिटारा स्कूलों को वितरित किए जा रहे हैं, जिनका सीधा लाभ गुजरात के 12.35 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा। गुजरात देश का पहला राज्य है, जहां इस पहल के तहत सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों, बालवाटिका तथा कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा।

याद रहने वाले खेल कराते हुए दी जाएगी शिक्षाराज्य सरकार की यह नई योजना केंद्र सरकार के शिक्षा विभाग के सहयोग से लागू की गई है। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चे केवल किताबों पर आधारित रटने वाली शिक्षा की बजाय खेलकूद और गतिविधियों से सीख सकें। शिक्षा विभाग की सूची में बताया गया कि जादुई पिटारा के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों को रटने के बजाय भार रहित और लंबे समय तक याद रहने वाली गतिविधि आधारित शिक्षा दी जाएगी।

30 प्रकार की सामग्री से सुसज्ज है जादुई पिटारा

इस योजना के तहत जादुई पिटारा में संगीत के उपकरण, खेलकूद के साधन, पपेट्स, मणके, शैक्षणिक खिलौने, पजल, रसोड़े का सेट जैसी लगभग 30 प्रकार की सामग्री शामिल की गई है। इनके उपयोग के लिए शिक्षकों को मार्गदर्शिका भी दी जा रही है। बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा मिलेगी और वे रचनात्मक सोच के साथ सीखने में रुचि विकसित करेंगे।

शिक्षा नवाचार में अग्रणी राज्य

शिक्षा विभाग ने कहा कि गुजरात में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शाला प्रवेशोत्सव, कन्या केळवणी और गुणोत्सव जैसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम पूरे देश में अनुकरणीय बने हैं। अब मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा तथा राज्य मंत्री रीवाबा जाडेजा के नेतृत्व में शिक्षण गुणवत्ता और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह प्रयास सराहनीय साबित हो रहा है।