
चेन्नई. तमिलनाडु सरकार द्वारा परंदूर में प्रस्तावित चेन्नई ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण के नोटिस जारी किए जाने के बाद राज्य औद्योगिक विकास निगम कांचीपुरम और श्रीपेरंबदूर जिलों में साइट स्थानों से लगभग 1,000 परिवारों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में है। तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम (टिडको) के सूत्रों ने कहा प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए चार स्थानों की पहचान की गई है। साथ ही सरकार ने हवाईअड्डा परियोजना की डीपीआर और एक्शन प्लान का खाका तैयार करने के लिए निविदाएं भी आमंत्रित कर दी हैं।
दो नोटिस जारी किए
इससे पहले तमिलनाडु औद्योगिक प्रयोजनों के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1997 के तहत निवासियों को अपनी लेन खाली करने के लिए दो नोटिस जारी किए गए थे-पहला नोटिस 27 अगस्त को जबकि दूसरा नोटिस 3 सितम्बर को जारी किया गया था। सूत्रों ने कहा टिडको जल्द ही परियोजना प्रभावित परिवारों (पीएएफ) के लिए डिजाइन सह परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवाएं देने के लिए एक सलाहकार नियुक्त करेगा। परियोजना प्रभावित परिवारों (पीएएफ) के लिए डिजाइन सह परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवाएं देने को परंदूर को प्रस्तावित चेन्नई ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए सबसे व्यवहार्य स्थल के रूप में चुना गया था।
2024 में मिली थी मंजूरी
केंद्र सरकार ने अगस्त 2024 में परियोजना को मंजूरी दी और टिडको को साइट क्लीयरेंस दी, जो परियोजना के लिए विकास प्राधिकरण है। राज्य सरकार ने एयरपोर्ट के लिए 2172.3 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है, इसमें 173 हेक्टेयर सरकारी भूमि है, 1386 हेक्टेयर कृषि भूमि है और 576 हेक्टेयर भूमि जल निकायों से आच्छादित है। नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का प्रस्ताव इसलिए रखा गया क्योंकि मीनम्बाक्कम में मौजूदा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट यातायात को संभालने के लिए अपर्याप्त है। 2047 तक चेन्नई में अनुमानित यातायात प्रतिवर्ष लगभग 100 मिलियन होगा, जबकि मीनम्बाक्कम प्रतिवर्ष अधिकतम 40 मिलियन यात्रियों को ही संभालने में सक्षम होगा।
अगले साल से काम होगा शुरू
सूत्रों ने बताया कि नियुक्त किया जाने वाला सलाहकार भूमि आवंटन और आवास लेआउट तथा सामुदायिक सुविधाओं की पहचान को एकीकृत करेगा, जो विस्थापित लोगों के लिए पुनर्वास कार्ययोजना (आरएपी) के अनुसार आवश्यक सामाजिक-आर्थिक, आर्थिक और पर्यावरणीय तथा सांस्कृतिक चिंताओं को संबोधित करेगा। पता चला है टिडको परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण करने के बाद अगले साल के अंत तक काम शुरू कर देगा। पहले चरण में सरकारी खजाने पर 13,854 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जबकि पूरी परियोजना, जिसे चार चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा, पर 29,143 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
यह भूमि हमारी आजीविका
प्रस्तावित एयरपोर्ट का कड़ा विरोध हो रहा है और क्षेत्र के किसान परियोजना के खिलाफ सडक़ों पर उतर आए हैं। परंदूर एयरपोर्ट के खिलाफ ग्रामीण आंदोलन के एसडी कदीरेशन ने कहा, ये कृषि भूमि हैं इसलिए हम अपने गांव में ही रहना चाहते हैं। हम कृषि भूमि रखना चाहते हैं, जो हमारी आजीविका है। 27 अगस्त को जारी सरकारी राजपत्र में भूमि अधिग्रहण का पहला नोटिस प्रकाशित होने के बाद उत्तेजित किसानों और ग्रामीणों ने राजमार्ग पर प्रदर्शन किया तब पुलिस ने 125 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
Published on:
09 Sept 2024 08:04 pm
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