
प्रसारण निगम ने जमा कराए मांगपत्र के 6.48 करोड़
भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र में विद्युत तंत्र मजबूत होगा। सलारपुर 220 केवी जीएसएस निर्माण के लिए गत वर्ष से अटक रही प्रक्रिया को अब पंख लगेंगे। प्रसारण निगम ने रीको के खाते में 6.48 करोड़ रुपए की मांगपत्र राशि जीएसटी जमा करा दी है। जीएसटी जमा होने के बाद जीएसएस के लिए आरक्षित भूमि का सीमा ज्ञान कराकर प्रसारण निगम को आवंटन किया जाएगा। जीएसएस निर्माण के लिए 72 करोड़ रुपए की वित्तीय एवं प्रशासनिक (एएंडएफ) स्वीकृति गत वर्ष ही जारी हो चुकी है। इस तरह जमीन आवंटन होने के बाद जीएसएस निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो जाएगी। सलारपुर में 220 केवी जीएसएस निर्माण होने के बाद भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र में चौथा बड़ा विद्युत केंद्र स्थापित हो जाएगा, इससे पहले बिलाहेड़ी, खुशखेड़ा और कारोली में हाई वोल्टेज स्टेशन हैं।
रीको ने मांगपत्र राशि 30 अप्रेल तक जमा कराने का समय दिया था, प्रसारण निगम को नियामक आयोग से अनुमति नहीं मिली, जिसकी वजह से एक महीने का समय मांगा गया, तब जाकर जीएसटी राशि जमा हुई है। गत वर्ष भी वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से मांगपत्र जारी होने के बाद जीएसटी राशि जमा नहीं हुई थी। जीएसएस के लिए जमीन रीको देगी और निर्माण प्रसारण निगम करेगा। रीको ने गत वर्ष भी जमीन आवंटन से पूर्व मांगपत्र निकाला था लेकिन प्रसारण निगम ने राशि जमा नहीं कराई, जिसकी वजह से प्रक्रिया अटक गई। प्रसारण निगम को जीएसएस निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की मिली है। रीको ने दोबारा से मांगपत्र निकाला है। प्रसारण निगम को 30 अप्रेल तक 6.48 करोड़ रुपए रीको में जमा कराकर भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करानी थी। रीको ने 13 अप्रेल को मांगपत्र दिया है, जिसके बाद प्रसारण निगम ने फाइल तैयार कर मुख्यालय को भेजी। स्वीकृति मिलने के बाद रीको को राशि दी जानी थी। सलारपुर में 220 केवी जीएसएस की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति (एएंडएफ) गत वर्ष मई में मिल चुकी थी। वित्तीय स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी हुई। इसकी वजह से गत वर्ष मांगपत्र निकलने के बावजूद जीएसटी की राशि जमा नहीं हो सकी। जीएसटी जमा नहीं होने से जमीन का कब्जा भी नहीं मिला।
करीब 72 करोड़ रुपए से 220 केवी जीएसएस का निर्माण होगा। रीको ने 50 हजार वर्गमीटर जमीन दी है। प्रसारण निगम ने जीएसएस निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराई है। मांगपत्र की राशि जमा हो चुकी है, अब तकनीकि प्रस्ताव स्वीकृत कराए जाएंगे। प्रस्तावित जीएसएस में 160 एमवीए का एक और 50 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर होंगे।
प्रसारण निगम को सलारपुर में जीएसएस निर्माण प्रक्रिया में तेजी लानी होगी क्योंकि राइजिंग राजस्थान समिट और उससे पूर्व सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र में बड़े निवेशक आए हैं, जबकि यहां पर बिजली आपूर्ति का तंत्र विकसित नहीं है। ऐसी स्थिति में नई इकाइयों के सामने समस्या खड़ी हुई है। उत्पादन शुरू करने से पहले फैक्ट्री प्लांट निर्माण के लिए भी अस्थायी कनेक्शन देने तक की सुविधा नहीं है। सलारपुर नव विकसित औद्योगिक क्षेत्र है, कई बड़ी कंपनियां यहां आ चुकी हैं। कंपनियां अधिक भार के विद्युत कनेक्शन मांग रहीं हैं लेकिन रीको और विद्युत निगम का तंत्र यहां कमजोर है जिसकी वजह से कनेक्शन नहीं दिए जा रहे। रीको की विद्युत शाखा के अधीक्षण अभियंता के अनुसार सलारपुर में 78 मेगावाट से अधिक बिजली की जरूरत यहां स्थापित होने वाली इकाइयों को होगी। इस तरह वर्तमान और भविष्य में बिजली आपूर्ति के लिए यहां 220 केवी जीएसएस की जरूरत है। खुशखेड़ा, कारौली, सलारपुर में अभी तक खुशखेड़ा 220 केवी जीएसएस से आपूर्ति होती है। उक्त जीएसएस पूरी क्षमता पर काम कर रहा है।
रीको में मांगपत्र जीएसटी के 6.48 करोड़ रुपए जमा करा दिए गए हैं, अब जमीन आवंटन होगा, इसके बाद जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू कर, जीएसएस निर्माण कराया जाएगा।
महीपाल यादव, एसई, प्रसारण निगम
Published on:
25 May 2026 07:00 pm
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