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तृष्टीकरण की राजनीति से तंग हैं लोग, बंगाल में 30 सीट पाएगी भाजपा: मेघवाल

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के आखिरी चरण में कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, डायमंड हार्बर, दमदम, बशीरहाट, बारासात, जयनगर, मथुरापुर और जादवपुर सीट को बड़ी गंभीरता से लेते हुए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अपने महारथियों को यहां कमान संभालने के लिए भेजा है। इनमें से एक केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल हैं। जो राजस्थान के बीकानेर […]

कोलकाताMay 30, 2024 / 05:28 pm

Krishna Das Parth

arjun ram megwal

BJP will get 30 seats in Bengal: Meghwal

  • केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा, कमजोर वर्ग के लोगों ने सत्ता पलटने का बना लिया है मन
  • चुनाव परिणाम बाद हिंसा को रोकने के लिए तैनात करेंगे केंद्रीय बल

  • केडी पार्थ

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के आखिरी चरण में कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, डायमंड हार्बर, दमदम, बशीरहाट, बारासात, जयनगर, मथुरापुर और जादवपुर सीट को बड़ी गंभीरता से लेते हुए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अपने महारथियों को यहां कमान संभालने के लिए भेजा है। इनमें से एक केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल हैं। जो राजस्थान के बीकानेर से लोकसभा के चुनाव में हैट्रिक कर चुके हैं। चौथी बार भाजपा के बतौर उम्मीदवार बीकानेर से ही चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने इस बार बंगाल की आधी दर्जन से अधिक सीटों का प्रभारी बनाकर उन्हें बंगाल भेजा है। पार्टी ने उन्हें दक्षिण कोलकाता की जिम्मेवारी दी है। अर्जुन राम मेघवाल ने पत्रिका से लम्बी बातचीत की। पेश हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश।
सवाल: आपको दक्षिण कोलकाता सीट की जिम्मेवारी दी गई है। यह तृणमूल की काफी मजबूत सीट मानी जाती है। आप यहां परिणाम की क्या उम्मीद करते हैं?
जवाब: बंगाल के आमलोग दीदी (ममता बनर्जी) की तुष्टीकरण राजनीति से ऊब चुके हैं। यहां आने के बाद ही उन्हें पता चला कि यहां पार्टी का नहीं, बल्कि आमलोगों का नारा काफी प्रभावी रूप से काम कर रहा है। वह है चुप-चाप, पद्दो (कमल) छाप। यानी मतदाता खामोश जरूर है। उसे चाहे जितना भी डरा-धमका दिया जाए। लेकिन उसने निर्णय कर लिया है।
सवाल: चुप-चाप, पद्दो छाप का नारा शेष बंगाल में भी प्रभावी था क्या?
जवाब: देखिए, ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता भी खामोश हैं। उनसे बात करने पर वे यही कहते हैं कि चुप-चाप, पद्दो छाप। यानी हम खामोश जरूर हैं, लेकिन वोट कमल (भाजपा का चुनाव चिन्ह) को ही देंगे। सवाल: जब यह स्थिति तो बंगाल में भाजपा का परिणाम पहले से बेहतर होना चाहिए
जवाब: बिल्कुल पहले से बेहतर ही परिणाम होगा। बंगाल से भाजपा 30 सीट जीत रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है।
सवाल: बंगाल में भाजपा ने ऐसा क्या कर दिया, जो लोग पार्टी को वोट देने के लिए व्याकुल हैं?
जवाब: भाजपा ने नहीं, बल्कि तृणमूल ने ऐसा कर दिया है जिससे लोग भाजपा को ही वोट देने के लिए व्याकुल है। वह है बंगाल में दीदी का अत्याचार। अत्याचार से लोग ऊब चुके हैं। भयभीत हैं। इस परिस्थिति में उनके सामने भाजपा के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है।
सवाल: क्यों, विकल्प के रूप में कांग्रेस-वाम का गठबंधन (इंडिया) है। कई सीटों पर दोनों पार्टियां मिलकर लड़ रही है।
जवाब: यह गठबंधन नहीं, बल्कि ठगबंधन है। लोगों को भी पता है। धरातल पर बंगाल में यह गठबंधन है कहां? कांग्रेस के कितने वोट हैं। लोग माकपा को आजमा कर देख चुके हैं। बंगाल में 18 से बढक़र 30 सीटें भाजपा की होगी।
सवाल: दावा किया जाता है कि पश्चिम बंगाल अन्य प्रदेशों की तुलना में बेहतर है। महिलाएं काफी सुरक्षित महसूस करती है?
जवाब: अत्याचार की बात जाननी हो तो बंगाल के कमजोर वर्ग के लोगों से जाकर पूछें। तब पता चलेगा कि यहां कितना अत्याचार है। तृणमूल सरकार ने राज्य में ऐसा वातावरण तैयार कर दिया है कि यहां के लोग जान-जमीन, ईज्जत गंवाने को लेकर हर पल भयभीत रहते हैं। यहां की सरकार तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। कमजोर वर्ग के लोगों पर जब हमला होता है, तो वे थाने में जाकर अपनी प्राथमिकी भी दर्ज नहीं करा सकते। रही महिलाओं की बात तो संदेशखाली पूरे देश को संदेश दे चुका है।
सवाल: अत्याचार की बातें आप सुनी-सुनाई कह रहे हैं या आपके पास कोई तथ्य है?
जवाब: यह सुनी-सुनाई बातें नहीं है। बल्कि हमने (भाजपा) चुनाव से पहले एक नहीं कई सर्वे कराए थे। तब यह तथ्य निकल कर सामने आए। एक-दो उदाहरण तो कोलकाता और हावड़ा का है। दक्षिण कोलकाता और हावड़ा के कुछ लोगों का पानी कनेक्शन इसलिए काट दिया गया क्योंकि उनलोगों ने भाजपा को वोट दिया था। इससे और ज्यादा उदाहरण आपको क्या चाहिए।
सवाल: आप तो भाजपा के प्रभावी नेता और मोदी सरकार में कानून मंत्री भी हैं। आपने इसे रोकने के लिए क्या प्रयास किया। चुनाव आयोग की मदद क्यों नहीं ली?
जवाब: बूथ तक लोगों को लाने का प्रयास किया जाता है। लेकिन बूथ से 100 मीटर की दूरी पर तृणमूल के गुंडे खड़े रहते हैं। वे उनकी शिनाख्त करने में लगे रहते हैं कि मना करने के बावजूद वह वोट डालने क्यों गया। मतगणना के बाद इन लोगों को अत्याचार का सामना करना पड़ता है। विधानसभा और पंचायत चुनाव के बाद किस तरह यहां के लोगों को चुनाव बाद हिंसा का सामना करना पड़ा। यह सर्वविदित है।
सवाल: चुनाव बाद हिंसा रोकने के लिए आप कोई कदम नहीं उठा सकते है?
जवाब: चुनाव बाद हिंसा रोकने के लिए हमने गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत की है। उनको सुझाव दिया है कि मतगणना के बाद बंगाल में कम से कम 15 दिनों तक हर इलाके में केंद्रीय बलों की तैनाती रहे। हर संवेदनशील इलाके में सीएपीएफ के जवानों को भेजा जाए। गृहमंत्री ने इसकी मंजूरी दे दी है। इस बार चुनाव परिणाम के बाद बंगाल के हर इलाके में केंद्रीय बलों की तैनाती रहेगी।
सवाल: क्या अन्य प्रदेशों में भी केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा?
जवाब: बंगाल ही एक ऐसा राज्य है जहां इस तरह की घटनाएं घट रही हैं। इसको रोकने के लिए मोदी सरकार कोशिश करेगी।
सवाल: पूरे देश से अकेले भाजपा को कितनी सीटें आएंगी?

जवाब: भाजपा का लक्ष्य 370 सीटें लाने का। यह यूं ही लक्ष्य नहीं लिया गया। बंगाल के ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। कश्मीर से 370 धारा हटाने के बाद भाजपा ने 370 सीटें लाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने का संकल्प लिया है।
सवाल: इसका मतलब भाजपा की मजबूत सरकार बनेगी और नरेन्द्र मोदी पीएम होंगे।
जवाब: इसमें कोई शक नहीं है।
सवाल: कहा जाता है कि भाजपा फिर मजबूती से आई तो संविधान बदल देगी।

जवाब: गलत, भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस संविधान बदलती है। नरेंद्र मोदी संविधान का सबसे ज्यादा सम्मान करने वाले व्यक्ति हैं। इंदिरा गांधी ने पांच साल बाद चुनाव को बदलकर छह साल कर दिया था। यह तो संविधान के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ हुआ। सवाल: कई राज्यों में भाजपा की स्थिति डांवाडोल बताई जा रही है।
जवाब: नहीं, बिहार में कुछ बिगड़ी थी। उसे सुधार लिया गया है।

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