
Ajay Pal Lamba
थाने के उद्घघाटन में सियासी ड्रामा.... भाजपा नेता कुमावत से फीता कटवाने पर भड़के कांग्रेसी
कांग्रेस विधायक के समर्थकों ने थाने के बाहर आईजी के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
खाटूश्यामजी. सीकर.
शेखावाटी में उद्घघाटन में सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। अब खाटूश्यामजी सदर थाने के उद्घघाटन कार्यक्रम में सियासी पारा गर्माने का मामला सामने आया है। मंगलवार को हुए खाटूश्यामजी सदर थाने के उद्घघाटन का विवाद प्रदेशभर की सियासत में जमकर चर्चा में रहा। दरअसल, जयपुर रेंज आईजी अजयपाल लाम्बा को खाटूश्यामजी सदर थाने का उद्घघाटन करना था, लेकिन उन्होंने नियमों का जिक्र करते हुए जनप्रतिनिधियों से ही फीता कटवाने की बात कही। आईजी का तर्क है कि उन्होंने भाजपा व कांग्रेस दोनों नेताओं को फीता काटने के लिए कहा। कांग्रेस का आरोप है कि आईजी ने भाजपा नेता गजानंद कुमावत को कैची थमा दी और उन्होंने ही उद्घघाटन किया। इस पर कार्यक्रम में मौजूद दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह नाराज हो गए। विधायक वीरेन्द्र सिंह ने कहा मैं तो यहां विधायक हूं.... गजानंद कौन है....। इस बात को लेकर आईजी और विधायक के बीच थोड़ी बहस भी हुई। आक्रोशित विधायक और उनके समर्थकों ने थाने के बाहर आईजी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में कांग्रेस समर्थकों ने कार्यक्रम का बहिष्कार भी कर दिया। इस दौरान सीकर एसपी ने कांग्रेस नेताओं को समझाइकर मामला शांत कराया।
तब: एक सड़क का एक ही दिन में दो दिग्गजों ने किया उद्घघाटन
सरकारी प्रोजेक्टों के उद्घघाटन में विवाद नया नहीं है। पिछली सरकार के समय में सीकर, लक्ष्मणगढ़ व अजीतगढ़ में इस तरह के मामले सामने आए। अजीतगढ़ में एक सड़क का एक ही समय में दो उद्घघाटन पूरे प्रदेश में काफी चर्चा का विषय रहे। इस दौरान तत्कालीन सांसद सुमेधानंद सरस्वती सहित अन्य भाजपा नेताओं ने एक तरफ उद्घघाटन किया। दूसरी तरफ तत्कालीन श्रीमाधोपुरदीपेन्द्र सिंह शेखावत सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने दूसरी तरफ उद्घघाटन किया था। इस दौरान दोनों दलों के नेताओं ने स्वीकृति को लेकर भी अपने-अपने दावे किए थे।
पलसाना ट्रोमा सेंटर के उद्घघाटन में भी सोमवार को विवाद सामने आया। पहले विधायक वीरेन्द्र सिंह का नाम नहीं लिखा गया। विधायक ने सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर व भाजपा नेता गजानंद कुमावत के नाम लिखने को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद आयोजन समिति ने पट्टिका पर स्थानीय विधायक वीरेन्द्र सिंह का भी नाम लिखा।
आईजी को पता हीं नहीं गजानंद कुमावत कौन है, क्या नियम है..। दांतारामगढ़ में 14 लोगों ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था। जबकि प्रोटोकोल में आईजी और एसपी से विधायक का पद बड़ा होता है। इसके बाद भी कुमावत से फीता कटवाया गया जो गलत है। गजानंद कुमावत धक्का देकर कार्यक्रम में शामिल हुए।
विरोध करने की तो विधायक की आदत हो गई है : कुमावत
फीता काटने को लेकर आईजी ने विधायक और मुझको कहा था। विधायक की विरोध करने की तो उनकी आदत हो गई है। हमारी सरकार ने दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र को कई सौगात दी है। ऐसे में लोगों की भावनाएं रहती है मुझे बुलाने की। धक्का मारने वाले आरोप झूठे है।
गजानंद कुमावत, भाजपा नेता
पुलिस अधिकारी कैसे काट सकते है फीता: आईजी
किसी भी राजकीय भवन के उद्घघाटन के दौरान पुलिस अधिकारी फीता नहीं काट सकते है। फीता काटने का काम स्थानीय जनप्रतिनिधि का होता है। मेरे लिए सभी पार्टी बराबर है। कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद दोनों ही पार्टी के प्रतिनिधियों को मैंने फीता काटने के लिए कहा था।
अजयपाल लांबा, आईजी, जयपुर रेंज
लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन: जूली
खाटूश्यामजी सदर थाने का भाजपा नेता गजानंद कुमावत से फीता कटवाना गलत है। लोकतांत्रिक रूप से जनता की ओर से चुने हुए विधायक के विशेषाधिकारों का हनन है। यह लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है। विधायक का प्रोटोकॉल ब्यूरोक्रेसी के मुखिया से भी बड़ा होता है।
टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभा
Published on:
02 Apr 2025 12:53 pm
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
