27 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

20 करोड़ में रानी दमयंती किला होगा आधुनिक, प्रदेश का पहला होगा संग्रहालय

-संस्कृति मंत्रालय ने मंजूर की राशि, इस महीने होंगे टेंडर -रानी दमयंती और प्राचीन मंदिरों के नाम पर रहेंगे दो गैलरी
2 min read
Google source verification

दमोह

image

Aakash Tiwari

May 22, 2025

दमोह. ८वीं शताब्दी से लेकर १३ वीं शताब्दी तक की प्रचीन मूर्तियों को प्रदर्शित करने वाले रानी दमयंती किले के दिन फिरने वाले हैं। संस्कृति मंत्रालय २० रुपए खर्च कर इसे आधुनिक रूप देने जा रहा है। प्रदेश का यह पहला संग्रहालय होगा, जिसमें लोगों को आधुनिक चीजें किले में देखने मिलेगी।
खासबात यह है कि किले के अंदर दो बदलाव किए जा रहे हैं। यहां दो गैलरियां बनाई जाएंगी। इसमें पहली रानी दमयंती के नाम पर होगी। बता दें कि रानी दमयंती के जीवन से जुड़ी यहां कोई भी जानकारी प्रदर्शित नहीं है। पुरातत्व विभाग उनके जीवन और समाज के लिए किए गए कार्यों के तथ्य जुटाएगा और इस गैलरी में रखेगा। वहीं, दूसरी दूसरी गैलरी जिले के प्राचीन मंदिरों से संबंधित होगी। इन मंदिरों के इतिहास को यहां पर दर्शाया जाएगा।
-२०० मूर्तियों को रखा जाएगा शोकेस में
संग्रहालय में २०० मूर्तियां रखी हुई हैं। इन सभी मूर्तियों को शोकेस में रखा जाएगा। अन्य गैलरियां भी कवर्ड होंगी। आधुनिक डिजाइन वाली फॉल सीलिंग होगी। विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। पार्किंग क्षेत्र तैयार कराया जाएगा। किले की मरम्मत का काम भी कराया जाएगा।
-लोगों के लिए लगेगा एंट्री शुल्क
भव्य रूप से तैयार होने के बाद इस किले में प्रवेश के लिए लोगों को एंट्री शुल्क देना होगा। हालांकि यह व्यवस्था अभी भी है, लेकिन संचालक कोई एंट्री नहीं ले रहे हैं। बताया जाता है कि २० रुपए एंटी शुल्क किया जा सकता है।

वर्शन

प्रदेश का पहला आधुनिक संग्रहालय बनने जा रहा है। इसी महीने टेंडर लगने की उम्मीद है। दो गैलरियां बनाई जाएगी। एक रानी दमयंती के नाम पर और दूसरे जिले के मंदिरों के नाम पर रहेंगी।
२० करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

सुरेंद्र चौरसिया, प्रभारी रानी दमयंत्री संग्रहालय


जिस नाम से यह किला है। उनके बारे में इस किले में कोई खास प्रमाण नहीं है। यहां पर रानी दमयंती को