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रीति-रिवाज: दुल्हन घर में प्रवेश करते समय पैर से क्यों गिराती है चावल से भरा कलश?

बहू के घर में प्रवेश करते समय कई जगह चावल से भरा कलश रखा जाता है। जिसे दुल्हन अपने दाहिने पैर से गिराती है। जानिए क्या है इस रस्म के मायने।

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रीति-रिवाज: दुल्हन घर में प्रवेश करते समय पैर से क्यों गिराती है चावल से भरा कलश?

Hindu Marriage Rituals: बहू के ससुराल में प्रवेश करते समय चावल से भरे कलश को गिराने की परंपरा प्राचील काल से ही चली आ रही है। गृह प्रवेश समारोह शादी के बाद की रस्मों का एक अभिन्न हिस्सा है। जहां विदाई समारोह दुल्हन के लिए काफी भावुक और तनावपूर्ण होता है। वहीं ये रस्म उसके तनाव को कम करने का काम करती है। इस रस्म को अधिकतर दूल्हे की मां द्वारा किया जाता है। गृह प्रवेश की रस्म दर्शाती है कि दूल्हे के परिवार वालों ने अपने दिल से दुल्हन का स्वागत किया है और उसे अपने परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार कर लिया है।

गृह प्रवेश रस्म विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तरीके से और अलग-अलग नामों के साथ की जाती है। गृह प्रवेश के दैरान दूल्हे के घर की महिलाएं प्रवेश द्वार पर खड़ी रहती हैं। फिर सास बहू-बेटे की आरती उतारती है और उन्हें तिलक लगाती है। जिसके बाद दूल्हा-दुल्हन सभी बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं। इस तरह से बहू घर परिवार का एक अहम हिस्सा बन जाती है।

बहू के घर में प्रवेश करते समय कई जगह चावल से भरा कलश रखा जाता है। जिसे दुल्हन अपने दाहिने पैर से गिराती है। फिर दाहिने पैर का उपयोग करते हुए घर में प्रवेश करती है। कई जगह दुल्हन को सिंदूर पाउडर या लाल कुमकुम या आल्टा युक्त पानी में पैरों को डुबोने के लिए भी कहा जाता है। ये लाल पैर के निशान बहू द्वारा सौभाग्य को ले आने को दर्शाते हैं। ये रस्म इस बात को दर्शाती है कि घर में धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी ने प्रवेश किया है।

कलश चावल अनुष्ठान का महत्व: हिंदू रीति-रिवाज में कलश लगभग हर पूजा पाठ में प्रयोग में लाया जाता है। ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण पात्र या पूजा यंत्र है। वहीं चावल एक घटक है जिसे हिंदू परंपरा में बहुत ही शुभ माना जाता है। इसका भी प्रयोग हर पूजा-पाठ में किया जाता है। अत: चावल से भरा कलश धन की अधिकता का प्रतीक माना जाता है जिसे दुल्हन घर में लाने की उम्मीद करती है। जब दुल्हन घर के अंदर चावल कलश को धक्का देती है तो उसे घर के भीतर समृद्धि, धन और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
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