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सूरत इकोनॉमिक रीजन में बदलेगी सड़कों की सूरत, 1185 करोड़ मंजूर

दक्षिण गुजरात के सूरत इकोनॉमिक रीजन (एसईआर) की सड़कों की सूरत बदलने वाली है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पहली बार इस रीजन के सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए 1185 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके तहत 24 कार्यों को मंजूरी दी है। विकसित गुजरात 2047 के लक्ष्यों की दिशा में उठाया […]

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बुनियादी ढांचे के विकास का प्रस्तावित नक्शा

दक्षिण गुजरात के सूरत इकोनॉमिक रीजन (एसईआर) की सड़कों की सूरत बदलने वाली है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पहली बार इस रीजन के सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए 1185 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके तहत 24 कार्यों को मंजूरी दी है। विकसित गुजरात 2047 के लक्ष्यों की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत सूरत, तापी, वलसाड, भरूच, नवसारी और डांग जिलों में 383 किलोमीटर लंबाई में सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा।

संतुलित विकास के लिए तैयार हुआ मास्टर प्लान

राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए गुजरात स्टेट इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (जीआरआईटी-ग्रिट) की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में ग्रिट की ओर से राज्य में छह ग्रोथ हब विकसित करने के लिए क्षेत्रीय आर्थिक मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं। इसमें दक्षिण गुजरात के ग्रोथ हब के रूप में सूरत इकोनॉमिक रीजन के रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

लॉजिस्टिक और औद्योगिक विस्तार को मिलेगा बल

इन कार्यों के पूरा होने पर सूरत, तापी, वलसाड, भरूच और नवसारी जिलों के औद्योगिक हब तथा जीआईडीसी क्षेत्रों की सड़कों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे माल और श्रमिकों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही टेक्सटाइल, केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और डायमंड इंडस्ट्रीज को मजबूती मिलेगी। फिशरीज, हजीरा पोर्ट, शुगर फैक्ट्री, सुमूल डेयरी, पापड़ उद्योग जैसे क्षेत्र भी लाभान्वित होंगे।

कृषि और पर्यटन क्षेत्र में खुलेंगे नए अवसर

सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुधार से कृषि उपज के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे किसान अपने उत्पाद बाजार तक सरलता से पहुंचा सकेंगे। साथ ही सिद्धनाथ महादेव, शबरीधाम, पांडवगुफा, अंजनीकुंड, संजान की पारसी अगियारी जैसे धार्मिक स्थलों एवं महाल के जंगल, सापुतारा, विल्सन हिल जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

रोजगार के नए आयाम खुलेंगे

मुख्य रूप से डायमंड इंडस्ट्री, पेट्रोकेमिकल, टेक्सटाइल, फिशरीज के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

गुजरात @2047 के लिए रणनीतिक ग्रोथ इंजन

सूरत इकोनॉमिक रीजन राज्य की कुल आर्थिक विकास में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस क्षेत्र को विकसित गुजरात@2047 के लिए रणनीतिक ग्रोथ इंजन बनाने का लक्ष्य रखा है। 2047 तक 3.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में एसईआर की भूमिका महत्त्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई मंजूरी से इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित आर्थिक विकास को नया बल मिलेगा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के नए मील के पत्थर स्थापित होंगे।