भीलवाड़ा। राष्ट्रीय कथावाचक साध्वी सरस्वती ने कहा कि बेटियों को रील गर्ल बनाने की बजाय झांसी की रानी बनाएं। अब हमें चंडी, काली, दुर्गा बनना है। ये कटार जो दी है, समय आए तो इसी से विधर्मी का सर काट देना। बेटियों को पिता व भाई गिफ्ट में चॉकलेट देने की जगह पेपर स्प्रे दें ताकि उनकी आत्मरक्षा हो सके।
साध्वी ने मंगलवार को दुर्गाशक्ति अखाड़ा के शौर्य संचलन के बाद आजाद चौक में 2100 बेटियों को कटार दीक्षा दी। वे लव जिहाद पर जमकर बरसी। साध्वी ने कहा कि आज लैंड जिहाद, रेल जिहाद हो रहा है, लेकिन बेटियों किसी भी स्थिति में हिम्मत मत हारना। हम रानी लक्ष्मी बाई और रानी पद्मिनी के वंशज हैं। कायर नहीं है। जहां भी जरूरत पड़े चंडी, काली, दुर्गा बन जाएं। एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में भाला होना चाहिए। बेटियों को परांठे बनाना आए या नहीं, कराटे और कटार चलाना आनी चाहिए। साध्वी ने दुर्गाशक्ति अखाड़े के दसवें स्थापना दिवस पर भीलवाड़ा में बहनों को पेपर स्प्रे उपहार में देने की घोषणा की।
पटरियों पर डालने लगे सिलेंडर
साध्वी सरस्वती ने कहा, वे अब रेल जिहाद करने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में जिन्हें सिलेंडर महंगा लगता था, अब वे उसी सिलेंडर को रेल पटरियों पर डालने लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि वक्फ बोर्ड में संशोधन की जरूरत नहीं है। वक्फ बोर्ड पूरी तरह खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ अपनी जमीनों को गरीब किसानों को दान कर दें, इससे बड़ी भाईचारे की बात हो नहीं सकती।
गरबा में पूरे वस्त्र पहनकर जाएं
नवरात्र का पर्व मां की साधना का है। आप सोलह शृंगार कर पूरे वस्त्र पहनकर जाएं। मां के सामने नृत्य करें, लेकिन आधे वस्त्र पहन कर नहीं। आयोजक पंडाल में आधार कार्ड देखकर, तिलक लगाकर व कलेवा बांधकर आने वालों को प्रवेश दें। साध्वी ने शाहपुरा में गणेश पांडाल में मांस फेंकने, जन्माष्टमी पर गोमाता की पूंछ काटने, जहाजपुर में ठाकुरजी के बेवाण पर पत्थर फेंकने जैसी घटनाओं पर आक्रोश जताया।
लगवाएं जयकारे
साध्वी सरस्वती ने माइक पर आते ही बहनों से दोनों हाथ ऊपर उठा मुट्ठियां बंद करा भारत माता, हिंदू राष्ट्र, हिंदू धर्म, महाराणा प्रताप, एकलिंगनाथ भगवान, चारभुजानाथ, श्रीराम के जयकारे लगवाए। अतिथियों व आयोजकों ने साध्वी सरस्वती को गदा तथा दो तलवार भेंट की।
एक किमी लंबा संचलन
दुर्गाशक्ति अखाड़े का मंगलवार को आठवां स्थापना दिवस मनाया गया। माली समाज के नोहरे से हजारों बहनों ने शौर्य संचलन किला। सब तरफ भगवा ही भगवा था। साध्वी सरस्वती खुली कार में थी। संचलन एक किमी लंबा था। जिले भर की बालिकाओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न मार्गों से होते संचलन आजाद चौक पहुंचा। यहां सभा हुई। 2100 बहनों को कटार दीक्षा दी गई। निंबार्क आश्रम महंत मोहनशरण शास्त्री, विधायक अशोक कोठारी, विहिप प्रांत उपाध्यक्ष मिट्ठलाल स्वर्णकार, हिंदू जागरण मंच सह संयोजक सुभाष बाहेती ने विचार जताए। महंत बनवारीशरण काठियाबाबा, रपट के बालाजी महंत बलरामदास, चित्तौड़ प्रांत उपाध्यक्ष रविंद्र जाजू मंचासीन थे।