
Sawan Nag Panchami 2022: नाग पंचमी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
नाग पंचमी (Nag Panchami) का पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। कई लोग नाग पंचमी पर व्रत भी रखते हैं। इस व्रत के देव आठ नाग माने गए हैं। ये नाग हैं अनन्त, वासुकि, तक्षक, कुलीर, पद्म, महापद्म, कर्कट और शंख। ऐसी मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने वाले व्यक्ति को सांप के डसने का भय नहीं रहता। साथ ही नागों की पूजा से शक्ति, अपार धन व मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। जानिए नाग पंचमी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।
नाग पंचमी पूजा का मुहूर्त:
नाग पंचमी- 2 अगस्त 2022
पंचमी तिथि प्रारंभ- 2 अगस्त 2022 को 05:13 AM बजे
पंचमी तिथि समाप्त- 3 अगस्त 2022 को 05:41 AM बजे
अवधि- 2 घंटे 38 मिनट
नाग पंचमी पूजा विधि:
-इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर सबसे पहले भगवान शिव की अराधना करें।
-इसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें।
-नाग चित्र या मिट्टी की सर्प मूर्ति को लकड़ी की चौकी के ऊपर रखें।
-गाय के दूध से मूर्ति को स्नान कराएं।
-इसके बाद प्रतिमा का गंध, धूप, पुष्प और दीपक से पूजन करें।
-हल्दी, चावल, रोली और फूल अर्पित करें।
-कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर नाग देवता को अर्पित करें।
-नागदेवता का ध्यान करते हुए आरती करें।
-अंत में नाग पंचमी की कथा सुनें।
नाग पंचमी का महत्व:
-नाग पंचमी के दिन नाग देवता ही नहीं भगवान शिव की भी विशेष पूजा पाठ की जाती है।
-कहते हैं इस दिन नागों की पूजा करने से व्यक्ति को सांप के डसने का खतरा नहीं रहता।
-इस दिन सर्पों को दूध से स्नान कराने और उन्हें दूध पिलाने से अक्ष्य-पुण्य फल की प्राप्ति होने की मान्यता है।
-इस दिन घर के मुख्य द्वार पर नाग का चित्र बनाने की भी परंपरा है। मान्यता है इससे घर नाग-कृपा से सुरक्षित रहता है।
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Published on:
01 Aug 2022 12:26 pm
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