
ऑनलाइन क्रिेकेट सट्टा चलाने वाले महादेव बुक ऐप वालों पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दूसरे दिन पुणे के एक और अड्डे पर छापा मारकर पैनल चलाने वाले 4 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से करोड़ों रुपए के लेन-देन का रिकार्ड मिला है। साथ ही 200 ऐसे बैंक खातों का पता चला है, जिसमें सट्टे का पैसा खपाया गया है। पुलिस ने बैंक अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी है।मामले का खुलासा करते हुए क्राइम डीएसपी संजय सिंह ने बताया कि गुरुवार को पकड़े गए सटोरियों से पूछताछ में महाराष्ट्र के महालुंगे बानेर रोड स्थित इकोलाख सोसाइटी के ब्लॉक 4 बी के एक फ्लैट में महादेव सट्टा ऐप का पैनल संचालित होने की जानकारी मिली। इसके बाद क्राइम ब्रांच की पुणे में िस्थत टीम ने मौके पर छापा मारा। वहां से बिलासपुर के तुषार शिवनकर, भिलाई के करण सिंह, शुभम सिंह, कमल चक्रधारी को पकड़ा गया। आरोपी महादेव सट्टा एप के बैटबुक पैनल नंबर 23 के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। सभी को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 5 और आरोपियों को पकड़ा गया है। अब तक इस पैनल से जुड़े 9 सटोरिए पकड़े जा चुके हैं।
200 बैंक खातों का पता चलापकड़े गए आरोपियों से 22 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 वाइफाइ, 12 पासबुक, 24 चेकबुक, 72 एटीएम कार्ड तथा सट्टा के करोड़ों के हिसाब का रिकार्ड मिला है। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा 200 बैंक खातों में सट्टे के पैसों का ट्रांसफर करने का पता चला है। पुलिस जिन बैंकों के ये खाते हैं, उनके प्रबंधकों को नोटिस जारी करेगी।
मोहित विश्वकर्मा फरारबढ़ाईपारा निवासी मोहित विश्वकर्मा फरार है। मोहित ने ही दशरथ निषाद के नाम से बैंक खाता खुलवाया था। इसके बाद उस बैंक खाते का इस्तेमाल महादेवबुक के सट्टे की रकम खपाने में किया। इसकी शिकायत दशरथ ने थाने में की। मामले की जांच के दौरान पूरे सट्टे के रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
Updated on:
06 Jul 2024 06:11 pm
Published on:
06 Jul 2024 06:11 pm
