
रविवार का दिन सूर्य देवता को समर्पित माना जाता है। कहते हैं सूर्य देव जीवन, स्वास्थ्य एवं शक्ति के देवता हैं। सूर्य की वजह से धरती पर जीवन बरकरार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर सूर्य देवता की अराधना सुबह-सुबह की जाए तो उसका फल बेहद कल्याणकारी होता है। ऐसा कहा जाता है कि उपासना का फल जल्दी मिलता है। सूर्य देव की आराधना सिर्फ सााधु-संतों ने नहीं बल्कि प्रभु श्री राम ने भी की थी।
क्यों देते डूबते सूर्य अर्ध्य
कई लोग डूबते सूर्य को भी अर्ध्य देते हैं। इसके पीछे का ध्येय यह माना जाता है कि हम सभी आपको आमंत्रित कर रहे हैं, जिससे आप कल सुबह की हमारी पूजा स्वीकार करें। साथ ही मनोकामनाएं भी पूर्ण करें।
रविवार को कई लोग सूर्योदय से पहले स्नान कर सूर्य को जल चढ़ाते हैं। कहते हैं जिनका सूर्य बलवान होता है उनके जीवन में परेशानियों नहीं आती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रतिदिन सूर्य पूजन और सूर्य मंत्र का 108 बार जाप करने से अवश्य ही मनुष्य को लाभ मिलता है। ऐसा भी कहा जाता है कि हर रविवार जो सूर्य देव का पूजन और सूर्य मंत्र का जाप करता है तो उनकी मनोकामनाएं अवश्य ही पूरी होती हैं।
हर रविवार पढ़ें सूर्य देव के ये मंत्र
1. ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।
2. ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
3. ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
4. ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।
5. ऊं घृणिं सूर्य्य: आदित्य:।
कहते हैं कि किसी भी मंत्र का जाप करने से तब ही फल मिलता है जब उसका उच्चारण एकदम सही और साफ मन से किया जाए।
Published on:
12 Dec 2020 09:31 pm
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