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ई-स्वत्व 2.0 में तकनीकी संकट, 36 हजार से अधिक आवेदन अटके

सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान कापु (उडुपी). ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने 1 दिसंबर से ई-स्वत्व 2.0 सॉफ्टवेयर लागू किया था। लेकिन शुरुआत के एक माह के भीतर ही तकनीकी और सर्वर संबंधी समस्याओं ने योजना की गति रोक दी है। अब तक प्राप्त 27,138 […]

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E-Swatva 2.0 faces technical issues; over 36,000 applications are stuck

प्रियांक खरगे।

सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान

कापु (उडुपी). ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने 1 दिसंबर से ई-स्वत्व 2.0 सॉफ्टवेयर लागू किया था। लेकिन शुरुआत के एक माह के भीतर ही तकनीकी और सर्वर संबंधी समस्याओं ने योजना की गति रोक दी है। अब तक प्राप्त 27,138 आवेदनों में से विभिन्न स्तरों पर 36,362 आवेदन अनुमोदन के लिए लंबित हैं।

ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सभी आवेदन नियमों के अनुसार जांचकर दस्तावेज वितरित किए जाएंगे। एन.आई.सी. टीम की विफलता से समस्या और बढ़ी है तथा केंद्र सरकार को सहयोग के लिए पत्र लिखा गया है।

ई-स्वत्व पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने घर बैठे ही नमूना 9, 11ए और 11बी जैसे दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा बैंक ऋण और संपत्ति बिक्री के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने में सहायक है। लेकिन तकनीकी अड़चनों के कारण उप-पंजीयक कार्यालयों में संपत्ति पंजीकरण और बिक्री विलेख की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए के स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क का नुकसान हुआ है।