13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘विश्वास की कमी’ के कारण गहरा रहा जीवन में अर्थ का संकटः लियो 14वें

सिस्टिन चैपलः पोप ने पहले मास कार्यक्रम को संबोधित किया वेटिकन सिटी. पोप लियो 14वें ने अपने पहले मास कार्यक्रम में कैथोलिक चर्च से ‘विश्वास की कमी’ का ‘सख्ती से मुकाबला’ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्वास की कमी जीवन में अर्थ की हानि, करुणा की उपेक्षा और परिवार व समाज में गंभीर […]

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Nitin Kumar

May 11, 2025

Robert Francis Prevost named new Pope Leo-IV

Robert Francis Prevost named new Pope Leo-IV (Photo: X Account- BrooklynDad_Defiant!)

सिस्टिन चैपलः पोप ने पहले मास कार्यक्रम को संबोधित किया

वेटिकन सिटी. पोप लियो 14वें ने अपने पहले मास कार्यक्रम में कैथोलिक चर्च से 'विश्वास की कमी' का 'सख्ती से मुकाबला' करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्वास की कमी जीवन में अर्थ की हानि, करुणा की उपेक्षा और परिवार व समाज में गंभीर संकटों को जन्म देती है। शिकागो में जन्मे रॉबर्ट फ्रांसिस प्रीवोस्ट वेटिकन के सिस्टिन चैपल में हुई गुप्त कॉन्क्लेव के बाद 267वें पोप, दुनिया के 1.4 बिलियन कैथोलिकों के आध्यात्मिक नेता और अर्जेंटीना के पोप फ्रांसिस के उत्तराधिकारी चुने गए थे। दो हजार साल पुरानी संस्था के पहले अमरीकी प्रमुख बने लियो 14वें दुनिया के लिए काफी हद तक एक अज्ञात और विनम्र कार्डिनल रहे।

सिस्टिन चैपल में अपने पहले मास कार्यक्रम में भाग लेते हुए नए पोप लियो 14वें ने शुक्रवार को कहा कि उनका चयन 'एक क्रॉस और एक आशीर्वाद' दोनों है। उन्होंने कार्डिनल्स को संबोधित करते हुए कहा, 'आपने मुझे इस मिशन के लिए बुलाया है। मैं जानता हूं कि आप सब मेरे साथ मिलकर यीशु के गॉस्पेल को दुनिया तक पहुंचाने में साथ देंगे।'

लियो ने एकत्रित कार्डिनल्स को अपने प्रवचन में चेतावनी दी - आज की दुनिया में ऐसे स्थान या परिस्थितियां हैं जहां 'गॉस्पेल (ईसाई धर्म में यीशु मसीह के जीवन, शिक्षाओं, मृत्यु और पुनरुत्थान के बारे में बताए गए संदेश) का प्रचार करना और उसकी सच्चाई की गवाही देना आसान नहीं है, जहां विश्वासियों का मज़ाक उड़ाया जाता है, उनका विरोध किया जाता है, उनका तिरस्कार किया जाता है या उन पर दया की जाती है और ऐसा करने वाले लोग तकनीक, शक्ति, धन, सफलता और भौतिक सुख को तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने चेताया कि कई बार यीशु को केवल एक करिश्माई नेता या सुपरहीरो के रूप में देखा जाता है, और यह गलत धारणा न सिर्फ गैर-विश्वासियों में, बल्कि कई ईसाइयों में भी व्याप्त है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी ऐसा हो रहा है उन स्थानों पर मिशनरी प्रयासों की सख्त जरूरत है।