समाचार

धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ मीनाक्षी-सुंदरेश्वर का दिव्य विवाह आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालु बने गवाह

यह दिव्य विवाह मंदिर परिसर के अंदर नॉर्थ और वेस्ट आड़ी स्ट्रीटों के जंक्शन पर बने फूलों से सजाए गए मंच पर संपन्न हुआ।

2 min read
Apr 22, 2024

मदुरै. भगवान सुंदरेश्वर के साथ देवी मीनाक्षी का प्रसिद्ध "थिरुक्कल्याणम" (दिव्य विवाह) रविवार को यहां विश्व प्रसिद्ध श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर में धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस दिव्य विवाह के दौरान मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया। दो भट्टर (पुजारी) ने भगवान सुंदरेश्वर की मूर्ति के हाथों पर हीरे जडि़त थाली में मंगलसूत्र को रखा और फिर इसे देवी मीनाक्षी की मूर्ति के चारों ओर वैदिक मंत्रोच्चार करते हुए घुमाया गया। यह दिव्य विवाह मंदिर परिसर के अंदर नॉर्थ और वेस्ट आड़ी स्ट्रीटों के जंक्शन पर बने फूलों से सजाए गए मंच पर संपन्न हुआ।

12-दिवसीय वार्षिक चित्तिरै ब्रह्मोत्सवममदुरै में चल रहे 12-दिवसीय वार्षिक चित्तिरै ब्रह्मोत्सवम के एक हिस्से के रूप में यह दिव्य विवाह आयोजित किया गया। इस दिव्य विवाह के बाद काफी संख्या में महिला श्रद्धालु अपने मंगलसूत्रों को बदलती हैं। दिव्य विवाह के बाद देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर को सार्वजनिक दर्शन के लिए थिरुक्कल्याणम मंडपम में रखा गया और फिर चांदी के हाथी पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर की मूर्तियों को सार्वजनिक दर्शन के लिए क्रमश: एक पालकी और एक चांदी के हाथी पर एक भव्य जुलूस में "थिरुक्कल्याण मंडपम" तक ले जाया गया।देश-विदेश से आए मेहमानइस कार्यक्रम को देखने के लिए देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों से हजारों भक्त मंदिर में एकत्र हुए। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर के चारों ओर आदि, चित्तिरै और अवनी सड़कों पर रखी गई बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।

Published on:
22 Apr 2024 04:15 pm
Also Read
View All

अगली खबर