
- अगले सात से दस दिनों में होगी बोवनी, सरकारी गोदामों में मात्र 10 प्रतिशत बीज ही उपलब्ध - जिले में अलग-अलग किस्म के बीज के रकबा, बीना में होतही है धान की ज्यादा खेती,
सागर. मानसून सिर पर है और किसान बोवनी के लिए मानसून की पहली बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अगले 7 से 10 दिनों में संभाग के सभी जिलों में खरीफ फसलों की बोवनी शुरू हो जाएगी। बुंदेलखंड में बोवनी के लिए करीब 243 करोड़ रुपए के बीज की मांग होगी, लेकिन सरकारी गोदामों में मात्र 10 प्रतिशत बीज ही उपलब्ध है। बीज की व्यवस्था के लिए किसान निजी दुकानदारों, व्यापारियों के भरोसे हैं। बीज का करोड़ों रुपए का कारोबार शुरू हो गया है और किसानों को ऊंचे दामों में बीज खरीदना पड़ रहा है। कई बार बीज खराब क्वालिटी के भी आ जाते हैं, जिससे फसल खराब हो जाती है। इसकी संभावना एक से दो फीसदी होती है।
17 लाख हेक्टेयर में होगी खरीफ फसलों की बोवनी
संभाग में करीब 17 लाख हेक्टेयर में इस वर्ष खरीफ फसलों की बोवनी होगी। जिसमें करीब 8 लाख 10 हजार क्विंटल से अधिक बीज लगने का अनुमान है। हालांकि राहत की बात ये है कि किसान बोवनी के लिए पहले से पुराना बीज संभाल कर रखते हैं। किसान एक दूसरे से भी बीज खरीद लेते हैं, लिहाजा 50 प्रतिशत किसानों को ही बाजार या सरकारी समितियों से बीज खरीदना पड़ता है। संभाग में यदि 4 लाख क्विंटल बीज की खरीद-बिक्री भी होती है तो भी यह कारोबार 243 करोड़ से ऊपर चला जाएगा।
कुल रकबा (हेक्टेयर में)-
520000 सागर
315000 दमोह
231000 पन्ना
221000 टीकमगढ़
75000 निवाड़ी
407000 छतरपुर
संभाग में फसलों का रकबा (हजार हेक्टेयर) और बीज की जरूरत (क्विंटल में) -
फसल रकबा बीज की जरूरत
धान 306 183600
ज्वार 12 2400
मक्का 56 14000
अरहर 30 6000
उड़द 646 129200
मूंग 17 3400
सोयाबीन 316 284400
मूंगफली 225 180000
तिल 159 7950
बीज के औसत सरकारी दाम प्रति क्विंटल-
धान- 4500
ज्वार- 6070
मक्का- 4590
अरहर- 12850
उड़द- 9900
मूंग- 11530
सोयाबीन- 7550
मूंगफली- 8600
तिल- 13420
गोदामों-समितियों के पास मात्र 10-12 प्रतिशत बीज ही उपलब्ध-
किसानों की जरूरत के अनुसार किसी भी जिले में पर्याप्त बीज उपलब्ध नहीं है। सागर जिले की बात करें तो जिले में खरीफ फसलों के लिए करीब 1 लाख क्विंटल से अधिक बीज की जरूरत है। 50 हजार क्विंटल बीज किसान अपने स्तर से भी जुटा लें फिर भी किसानों को 50 हजार क्विंटल बीज बाजार से ही खरीदना पड़ेगा, लेकिन सरकारी गोदामों, समितियों के पास मात्र 12843 क्विंटल बीज ही उपलब्ध है। यही हाल हर जिले के हैं।
-सामान्यत: किसान बीज अपने स्तर से एक दूसरे से आदान-प्रदान कर जुटा लेते हैं। किसान प्राइवेट संस्थानों से भी नई बैरायटी के बीज लेते हैं। डिमांड के अनुसार बीज उपलब्ध कराते हैं। सागर जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए बीज की डिमांड 10672 क्विंटल थी, उससे ज्यादा हमारे पास 12843 क्विंटल बीज उपलब्ध है।
बीएल मालवीय, संयुक्त संचालक कृषि।
Published on:
24 Jun 2024 08:17 pm
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