16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समाचार

तेलंगाना व आंध्रप्रदेश के मौसम ने राजस्थान में बिगाड़ी आम की मिठास

तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश की तेज बारिश ने राजस्थान में आम की मिठास को खट्टा कर दिया है। फरवरी अंत तक प्रदेश के जिलों में अच्छी किस्म के केसर, बादाम व हापूस प्रजाति के आमों की आवक शुरू हो जाती है। इस बार दो माह देरी से आम खुशबू बिखेर रहा है। अब आमों की आवक अब शुरू हुई है। इसका असर फल बाजार पर आया है। आम दोगुना दामों में बिक रहे है। बाजार में आम की आवक में पचास फीसदी की गिरावट दर्ज की जा रही है।

Google source verification

भीलवाड़ा। तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश की तेज बारिश ने राजस्थान में आम की मिठास को खट्टा कर दिया है। फरवरी अंत तक प्रदेश के जिलों में अच्छी किस्म के केसर, बादाम व हापूस प्रजाति के आमों की आवक शुरू हो जाती है। इस बार दो माह देरी से आम खुशबू बिखेर रहा है। अब आमों की आवक अब शुरू हुई है। इसका असर फल बाजार पर आया है। आम दोगुना दामों में बिक रहे है। बाजार में आम की आवक में पचास फीसदी की गिरावट दर्ज की जा रही है।

तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, केरल व महाराष्ट्र से प्रदेश में आम की विभिन्न प्रजातियों की आवक होती है। इनमें केसर, बादाम व हापुस की मांग कहीं अधिक होती है। भीलवाड़ा के थोक फल विक्रेता तीनों राज्य से आम मंगवा कर राजस्थान के कई जिलों में बेचते है। अभी रोजाना करीब दो हजार टन से अधिक आम की आवक प्रदेश में हो रही है। भीलवाड़ा से मांग अच्छी होने से तीनों राज्यों की उम्मीद भी आम के मौसम में भीलवाड़ा पर टिकी रहती है। लेकिन इस बार हालात विपरीत रहे है।

केरल की मिठास अधिक

भीलवाड़ा से सीकर, सूजानगढ़, चूरू, सरदारशहर, बूंदी, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद जिलों के साथ कई हिस्सों से आम की आपूर्ति की जाती है। यह आम भीलवाड़ा के तेलंगाना, आंध्रप्रदेश से सर्वाधिक मंगाए जाते है। महाराष्ट्र व केरल से भी आम आते है। इनमें केरल से आने वाले आम के थोक दाम इस बार 100 से 130 रुपए तक है। जबकि अन्य प्रजातियों के आम 40 से 80 रुपए किलो तक भाव में है। इनमें केरल के आम में अधिक मिठास है।

भीलवाड़ा में रोजाना 50 टन

भीलवाड़ा में पहले अप्रेल में दो सौ टन से अधिक आम की आपूर्ति हो रही थी। मौसम की मार से इस बार रोजाना सौ से पचास टन आम ही आ रहे है। जबकि जयपुर में तेलंगाना व आंध्रप्रदेश से रोजाना अभी तीन सौ टन की मांग है। जोधपुर में भी डेढ़ सौ टन की मांग है।

मौसम ने बिगाड़ा बाजार, अब भावों में आएगी कमी

तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश में बारिश की मार एवं तेज सर्दी से आम की पचास फीसदी फसल नष्ट हुई है। फरवरी के अंत तक पकने वाली फसल इस बार मार्च के अंत तक मिली। इससे भीलवाड़ा समेत राज्य के कई जिलों में केसर, हापुस व बादाम प्रजाति के आम की आपूर्ति मांग के अनुरूप फरवरी व मार्च में नहीं हो सकी। ऐसे में मार्च में बढ़ी दरों पर आम थोक बाजार में बिका है। एक सप्ताह बाद कीमतें और कम होने की संभावना है।

ओमप्रकाश टिक्याणी, थोक फल विक्रेता