
अनूपपुर. जिले में आयुष विभाग चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। जिसके कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मलेरिया उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा अभियान पर भी असर पड़ रहा है। ज्यादातर चिकित्सालय सहयोगी स्टाफ के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। यहां पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर उपचार व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। जिले में आयुष विभाग के अंतर्गत 14 औषधालय संचालित हैं। छह चिकित्सालय प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केदो में भी चल रहे हैं। 14 औषधालयों में बम्हनी, धुरवासिन, जर्रा टोला, दैखल, अनूपपुर, मेंडियारास, धिरौल, जैतहरी, वेंकट नगर, बिजुरी, कोतमा, पुष्पराजगढ़, इटौर, पटना में शामिल हैं। साथ ही बिजुरी, बेनीबारी, अमरकंटक, पयारी नंबर दो, सकरा, फुनगा में संचालित प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष चिकित्सालय का संचालन किया जा रहा है। जिले भर में आयुष विभाग के सिर्फ सात चिकित्सक पदस्थ हैं। जिसके कारण ज्यादातर चिकित्सालयों का संचालन सहयोगी स्टाफ द्वारा ही किया जा रहा है। 10 स्थानों में करना था दवाई वितरण, वह भी अधूरा आयुष विभाग द्वारा जिले में मलेरिया से प्रभावित ग्रामों में मलेरिया नियंत्रण अभियान 2024 के अंतर्गत मलेरिया ऑफ 200 दवाइयां का वितरण किया जा रहा है। स्टाफ की कमी के कारण यह अभियान भी प्रभावित हो रहा है। दवाइयां का वितरण जिले के 10 मलेरिया प्रभावित स्थान पर किया जाना था जो अब तक पूरा नहीं हुई है। पुष्पराजगढ़ विकासखंड के ग्राम सरबाही, कोतमा नगर, जैतहरी के ग्राम चांदपुर, महुदा, शिवनी, गोबरी, पड़रिया, कपरिया गोधन, छीरापानी में 26519 की आबादी को दवाइयां का वितरण किए जाने का लक्ष्य रखा गया था। अभी तक 23000 लोगों को ही इसका वितरण किया गया है। लगभग 3000 लोगों को अभी तक दवाइयां का वितरण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवाइयां का वितरण किया जा रहा है।
Published on:
09 Aug 2024 12:18 pm
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