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तलैया की खुदाई के लिए मची होड़, पुराने थाने से कीर्ति स्तंभ तक धूल ही धूल, घुट रहा दम

-जन सहयोग से कराए जा रहे खुदाई के कार्य में बरती जा रही लापरवाही, १५ दिन के भीरत शहर की सड़कों के हाल हुए खराब -स्थानीय लोगों का घर के अंदर रहना हुआ मुश्किल

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दमोह

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Aakash Tiwari

May 26, 2025


दमोह. दीवान जी की तलैया को प्रशासन साफ कराने में जुटा है। गाद, मिट्टी और मुरम निकालने के लिए की होड़ सी मची हुई है। हैरानी की बात यह है कि २४ घंटे खुदाई जारी है। एक तरफ तलैया का गहरीकरण हो रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पुराने थाने से कीर्ति स्तंभ मार्ग जोकि लगभग एक किलोमीटर होगा। यहां पर धूल के गुबार लोगों का दम घोंट रहे हैं। सड़कों पर गंदगी गिर रही है। वहीं धूल इस कदर हो चुकी है कि राहगीरों का दम घुट रहा है। इधर, डंपरों से गिरने वाले कचरा एक दो जगह नहीं बल्कि पूरे शहर पर पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों की स्थिति यह है कि वह घर के अंदर घुटन महसूस कर रहे हैं।
बता दें कि दीवान जी की तलैया की सफाई का काम प्रशासन ने अपने जिम्मे लिया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जन सहयोग से इसे साफ कराने का फैसला किया। उन्होंने जरुरतमंदों को स्वयं के खर्चे पर खुदाई करने और मटेरियल ले जाने की छूट दी है। चूंकि बारिश से पहले तलैया की खुदाई होना जरूरी है, ताकि प्रशासन आगे की कार्रवाई शुरू करे। यही वजह है कि तलैया की खुदाई का काम जोरों से शुरू हो गया है।
-सड़कों पर बदूबे और धूल ही धूल
खुदाई का काम बीते १५ दिन में जोर शोर से जारी है। २४ घंटे में सैकड़ों डंपर मलबा उठाया जा रहा है। यही वाहन शहर की चारों दिशाओं में दौड़ रहे हैं। जहां-जहां यह वाहन गुजर रहे हैं। वहां की सड़कें धूल से भर चुकी हैं। इन सड़कों पर लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। पुराने थाने से कीर्ति स्तंभ तक का रास्ता कभी भी धूल भरा नहीं था, लेकिन अब यहां पर धूल लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है।
-रास्ता बदलने मजबूर हुए लोग
बिलवारी मोहल्ला निवासी अमित रैकवार, आकाश सेन, सिविल वार्ड निवासी साहिब खान आदि का कहना है कि धूल के कारण बीते कुछ दिनों से घंटाघर से होते हुए आना जाना कर रहे हैं। टॉकीज तिराहे से कीर्ति स्तंभ मार्ग से आना-जाना करने से बच रहे हैं।
-पानी का भी नहीं किया जा रहा छिड़काव
धूल को दबाने के लिए प्रशासन पानी का छिड़काव नहीं कर रहा है। स्थानीय लोग ही सड़क पर पानी डालकर राहत पानी की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन लगातार वाहनों के आने-जाने से ज्यादा समय तक धूल पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
वर्शन
यह बात मेरे संज्ञान में आई है। मैं इसे दिखवा लेता हूं। धूल न उड़े इसके प्रयास किए जाएंगे।

सुधीर कुमार कोचर, कलेक्टर