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जान हथेली पर रखने की मजबूरी, क्योंकि भूमिपूजन के 9 माह बाद भी पुल बनाने नींव तक नहीं डली

जोगीडीपा-मुरली के बीच भूमिपूजन हो जाने के 9 माह गुजर जाने के बाद पुल निर्माण तो दूर अब तक निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। इससे दर्जनभर गांव के ग्रामीण आज भी आने-जाने के लिए नाला को पार करने मजबूर हैं।

जांजगीर चंपाJun 30, 2024 / 09:28 pm

Anand Namdeo

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बारिश के दिनों में तो लोग जान हथेली में रखकर चलने मजबूर होते हैं क्योंकि नाला में पानी भरा होता है लेकिन पार करने की मजबूरी भी है क्योंकि दूसरा रास्ता लेने पर 25 से 30 किमी घूमकर जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का शासन-प्रशासन और ठेकेदारों के प्रति गुस्सा इसलिए भी पूरी तरह से जायज है क्योंकि इस नाला में अब तक पुल बन जाना था। सरकार ने 1.84 करोड़ रुपए की मंजूरी भी दे रखी है और भूमिपूजन भी हो चुका है पर अब तक यहां पुल बनाने के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। गौरतलब है कि मार्च 2023 में विधायक इंदू बंजारे ने अपने विधायक निधि से पामगढ़ ब्लॉक के ग्राम जोगीडीपा-मुरली के बीच पुल बनाने के लिए स्वीकृति दी थी। इसके लिए 1 करोड़ 84 लाख रुपए की प्रशासकीय मंजूरी दी थी। पुल बनाने के लिए निर्माण एजेंसी पीडब्लयूडी विभाग को बनाया गया। विभाग ने टेंडर भी निकाला और टेंडर भी हो गया। इसके बाद पूर्व विधायक इंदू बंजारे के हाथों बकायदा पुल निर्माण का भूमिपूजन भी कराया गया। 4 अक्टूबर 2023 को भूमिपूजन हुआ। लेकिन इसे विडंबना ही कहे कि भूमिपूजन हुए आज नौ माह गुजर गए। निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी।

25 से 30 किमी दूर घूमकर जाने की मजबूरी

जोगीडीपा-मुरली के बीच पुल बन जाने से दर्जनभर गांवों के बीच की दूरी मिट जाएगी। जोगीडीपा, मुरली, पौना, सेवई, खपरी, लगरा, सिल्ली, चोरभ_ी, पकरिया, नवागांव के ग्रामीणों को 20 से 25 किमी घूमकर आना-जाना नहीं पड़ेगा। ग्राम जोगीडीपा के कॉलेज के पढऩे वाले युवा नंदकुमार दिनकर ने बताया कि वे टीसीएल कॉलेज जांजगीर के छात्र हैंं। पुल नहीं बनने से अभी 25-30 किमी घूमकर कॉलेज जाना पड़ता है। पुल बन जाने से यह दूरी 15 किमी तक हो जाएगी।

जान हथेली पर रखकर बाइक, साइकिल निकालते हैं ग्रामीण

नाला में पानी कम होने पर तो ग्रामीण नाला से आना-जाना कर लेते हैं पर बारिश के दिनों में चार माह रास्ता अवरूद्ध हो जाता है। फिर भी घुटनेभर तक पानी चलने पर रोज नाला को जान जोखिम में डालकर पार करते हैं। पैदल के ही नहीं बल्कि लोग बाइक और साइकिल तक पार कराते हैं।

ग्रामीणों की तकलीफ को देखते हुए पूर्व विधायक ने अपनी निधि से पुलिया बनाने मंजूरी दी थी पर ठेकेदार ने आज तक निर्माण तक शुरू नहीं किया गया। इसके चलते जान जोखिम में डालकर आना-जाना करने मजबूर हो गए हैं।
लता लहरे, सरपंच, जोगीडीपा

जोगीडीपा-मुरली के बीच पुल निर्माण के संबंध में संबंधित एसडीओ से जानकारी ली जाएगी। जो भी समस्या है उसे दूर कर तत्काल इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा।
केपी लहरे, ईई पीडब्ल्यूडी जांजगीर-चांपा

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