
आज का पंचांग 03 अक्टूबर 2018
ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति आश्विन 11 शक संवत् 1940 आश्विन कृष्ण नवमी बुधवार विक्रम संवत् 2075। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 17 मुहर्रम 22, हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 3 अक्टूबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद् ऋतु।
राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। नवमी तिथि अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 10 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि का आरंभ, पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 24 मिनट तक उपरांत पुष्य नक्षत्र का आरंभ। परिधि योग मध्याह्न 12 बजकर 25 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ, तैतिल करण मध्याह्न 1 बजकर 14 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में पशुधन की खरीदी बिक्री करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चन्द्रमा सायं 4 बजकर 46 मिनट तक मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा। आज ही सौभाग्यवतीनां श्राद्ध, नवमी श्राद्ध, मातृ नवमी।
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (को, ह, ही, हू, हे) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से प्रतीभाशाली होंगे। इनकी लाभदायी क्षेत्र में बुद्धि बहुत तेज दौड़ेगी। कामकाज बहुत दबंगता से करेंगे। भौतिक कला के विषेष जानकार होगें।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।
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