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West Bengal Election: चुनाव से पहले पुलिस नहीं संभाल पाई कानून व्यवस्था, 4 बड़े अफसरों पर गिरी गाज; ECI को क्यों लेना पड़ा बड़ा फैसला?

Bengal Assembly Election: चुनाव आयोग ने सुवेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान कानून-व्यवस्था में खामी के कारण कोलकाता पुलिस के चार अधिकारियों को निलंबित किया। जानें किस पर हुई कार्रवाई।

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चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोलकाता पुलिस के चार अधिकारियों को निलिंबत किए जाने का आदेश दिया है। (सोर्स: ANI)

WestBengal Assembly Election 2026: चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस के चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित किए जाने का आदेश दिया है। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई 2 अप्रैल को अलीपुर में सर्वे भवन के सामने कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर की गई है। इस तरह की खामी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के नामांकन दाखिल किए जाने के दौरान हुई थी। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

चुनाव आयोग की तरफ से जिन अधिकारियों को निलंबित करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें कोलकाता पुलिस के साउथ डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सिद्धार्थ दत्ता, अलीपुर थाने के इंस्पेक्टर प्रियांकर चक्रवर्ती, अलीपुर थाना के अतिरिक्त इंस्पेक्टर चंडी चरण बनर्जी, अलीपुर थाने के सार्जेंट सौरभ चटर्जी है।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि उपरोक्त अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट 5 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे तक भेजी जाए। आयोग ने यह भी कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए जल्द प्रस्ताव भेजा जाए।

क्या था पूरा मामला?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी ने नामांकन से पहले हाजरा मोड़ से रोड शो किया था, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। कालीघाट में जैसे ही ममता के घर के सामने से रोड शो गुजरा, माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी थी।

इसके बाद दोनों पार्टियों के समर्थकों की तीखी नोंक-झोंक हुई थी। इस दौरान हाथपाई भी हुई थी। इस घटना को लेकर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की और उन्हें नोटिस भेजे हैं। पुलिस ने मामले में तीन अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग की तरफ से ड्यूटी के दौरान खुलेआम तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में प्रचार कर रही ज्योत्सना खातून को निलंबित कर दिया था। ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर ज्योत्सना खातून को चुनाव के दौरान एआरओ यानी असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई थी।