
ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति पौष 22 शक संवत् 1940 पौष शुक्ल षष्ठी शनिवार विक्रम संवत् 2075। सौर पौष मास प्रविष्टे 28, जमादिउल्लावल 05, हिजरी 1440 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 12 जनवरी सन् 2019 ई०। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु। राहुकाल प्रातः 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक।
षष्ठी तिथि रात्रि 10 बजकर 5 मिनट तक उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र प्रातः 8 बजकर 43 मिनट तक उपरांत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ, परिधि योग सूर्योदय से अगले दिन प्रातः 7 बजकर 35 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में शासकीय अधिकारी से संपर्क करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
कौलव करण प्रातः 9 बजे तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मीन राशि पर संचार करेगा। आज ही गुरु ज्येष्ठा नक्षत्र के द्वितीय चरण में सायं 4 बजकर 34 मिनट पर।
आज के विचार- आज जन्म लिए बच्चो के नाम (दी, दू, थ, झ, ञ) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से मध्यम होंगे। ऐसे जातक तेजस्वी व वाचाल होंगे। नेतृत्वक्षमता का अद्वितीय रहेगी। नौकरी में कोई अविस्मरणीय कार्य करेंगे। पर्यटन प्रवास में रूचि रहेगी।
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।
