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Ahmedabad: कान्हा के जन्मोत्सव में मध्यरात्रि को जागा शहर, 300 ड्रोन से जगमगाया आसमान

सीएम भूपेंद्र पटेल ने की आरती, भाडज में 21 लाख बार भगवान के नाम का पठन, शिक्षामंत्री- शहर पुलिस आयुक्त ने परिवार संग किए दर्शन
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अहमदाबाद

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nagendra singh rathore

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Updated: 5 Sep 2026, 10:37 PM IST

Hare krishna temple

भाडज हरे कृष्ण मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव पर पंचगव्य से भगवान का अभिषेक करते साधु-संत।

Ahmedabad. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन जन्माष्टमी के पर्व पर शहर में अपार श्रद्धा, भक्ति और आधुनिकता का संगम देखने को मिला। भाडज स्थित हरे कृष्ण मंदिर और एस.जी. हाईवे स्थित इस्कॉन मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, बीएपीएस शाहीबाग मंदिर सहित कई मंदिरों और घरों में कान्हा के जन्मोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार मध्यरात्रि इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की आरती की। शिक्षामंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा और शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत सपरिवार हरे कृष्ण मंदिर पहुंचे। लोगों ने घरों में भी बड़े ही श्रद्धा के साथ जन्माष्टमी पर्व को मनाया। सोसाइटी, फ्लैट के मंदिरों में भी जन्मोत्सव की धूम देखी गई।

गर्भगृह को 600 किलो विदेशी फूलों से सजाया गया

इस्कॉन मंदिर में परंपरा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का अद्भुत तालमेल दिखा। मध्यरात्रि ठीक 12 बजे आसमान में 300 ड्रोन के शो ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ड्रोन ने कृष्ण की आकृति, श्री राधे कृष्ण लिख कर लोगों का दिल जीता। 7 मिनट का 'साउंड एंड लाइट शो' भी हुआ, जिससे मंदिर परिसर रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा। इस्कॉन मंदिर के गर्भगृह को 600 किलो विदेशी फूलों से सजाया गया, जिनसे मोर, गरुड़ और कमल की आकृतियां बनाई गईं। वहीं, भाड़ज के हरे कृष्ण मंदिर में भगवान राधा माधव के लिए पिछले दो महीनों की मेहनत से वृंदावन में तैयार कराए गए रेशमी वस्त्र और बहुमूल्य रत्नों के आभूषण पहनाए गए।

1008 से अधिक व्यंजनों का लगाया भोग

भाडज मंदिर में बाल गोपाल को 1008 से अधिक प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया, जिसमें 151 किलोग्राम का शुद्ध शाकाहारी केक भी शामिल है। दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को फराली महाप्रसाद का वितरण किया गया। भगवान का 108 कलशों से विस्तृत महाअभिषेक किया गया। इसमें सात पवित्र नदियों का जल, पंचगव्य, औषधीय जड़ी-बूटियां और फलों का रस शामिल था। रात 12 बजे महाआरती के साथ ही पूरा मंदिर परिसर 'हरे कृष्णा' के जयकारों से गूंज उठा। विश्व शांति और समृद्धि की कामना के साथ भक्तों ने 21 लाख बार श्री कृष्ण नामों का जप यज्ञ किया।