scriptवृक्ष प्राधिकरण के पास पेड़ों के संरक्षण के लिए समय नहीं | Patrika News
समाचार

वृक्ष प्राधिकरण के पास पेड़ों के संरक्षण के लिए समय नहीं

बेंगलूरु सर्कल के वन संरक्षक शिवकुमार ने बताया कि इस साल अप्रेल में एक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन चुनाव ड्यूटी के कारण सदस्य इसमें शामिल नहीं हो पाए। चुनाव के बाद बुलाई गई बैठक में भी अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण बैठक में कोई शामिल नहीं हो सका। जल्द ही अगली बैठक बुलाई जाएगी

बैंगलोरJun 12, 2024 / 03:34 pm

Nikhil Kumar

एक सूत्र के अनुसार पिछले साल अक्टूबर में सदस्यों की बैठक हुई थी, लेकिन यह केवल केटीपीए के तहत आवश्यकता को पूरा करने के लिए थी

कर्नाटक वृक्ष संरक्षण अधिनियम (केपीटीए), 1976 के तहत Karnataka सरकार की ओर से गठित नियुक्त Tree Authority (टीए) पेड़ों की कटाई को नियंत्रित करके और पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने के लिए पर्याप्त संख्या में पेड़ लगाकर शहर में पेड़ों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार है। यह मौजूदा वृक्षों की गणना करने, विभिन्न स्थानों और परिसरों में वृक्षों की संख्या और प्रकार के मानक निर्दिष्ट करने के लिए भी जिम्मेदार है। लेकिन, शहर के पेड़ों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार पांच सदस्यीय समिति की पिछले साल अक्टूबर से कोई बैठक नहीं हुई है।

Karnataka Forest Department (केएफडी) के अधिकारियों के अनुसारवृक्ष प्राधिकरण की अंतिम बैठक 17 अक्टूबर, 2023 को हुई थी। केपीटीए के तहत वृक्ष प्राधिकरण से अपेक्षा की जाती है कि वह कम-से-कम तीन महीने में से एक बार बैठक करे और नियमों के अनुसार अपना काम करे। बैठक के लिए कोरम उसके कुल सदस्यों की संख्या का एक-तिहाई होना चाहिए।
बेंगलूरु सर्कल के वन संरक्षक शिवकुमार ने बताया कि इस साल अप्रेल में एक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन चुनाव ड्यूटी के कारण सदस्य इसमें शामिल नहीं हो पाए। चुनाव के बाद बुलाई गई बैठक में भी अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण बैठक में कोई शामिल नहीं हो सका। जल्द ही अगली बैठक बुलाई जाएगी।

एक सूत्र के अनुसार पिछले साल अक्टूबर में सदस्यों की बैठक हुई थी, लेकिन यह केवल केटीपीए के तहत आवश्यकता को पूरा करने के लिए थी। कार्य पूरे नहीं किए गए और कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ। शहर के पर्यावरणविदों के अनुसार वृक्ष प्राधिकरण के पास कई अन्य महत्वपूर्ण कर्तव्य भी हैं, जैसे नर्सरियों का विकास और रखरखाव, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण पौधरोपण और उसकी देखरेख आदि।

प्राधिकरण से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वह सड़कों, सार्वजनिक पार्कों और उद्यानों तथा नदियों या झीलों के किनारों पर निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यक माने जाने वाले पेड़ों की एक निश्चित संख्या को बनाए रखने के अलावा, पौधरोपण और संरक्षण में निजी और सार्वजनिक संस्थानों की सहायता करे।

Hindi News/ News Bulletin / वृक्ष प्राधिकरण के पास पेड़ों के संरक्षण के लिए समय नहीं

ट्रेंडिंग वीडियो