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त्रिवेणी गांव के आदिवासियों को मिलेगा शुद्ध पानी, नहीं पीना पड़ेगा नाले का दूषित जल

-दो किमी पैदल चलकर गांव पहुंचे कलेक्टर ने महसूस की ग्रामीणों की परेशानी -पीएचई विभाग को दिए निर्देश के बाद तुरंत बोरबेल की शुरू हुई प्रक्रिया

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दमोह

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Aakash Tiwari

Apr 05, 2025


दमोह. नाले का पानी पीकर गुजर बसर करने वाले आदिवासियों का दर्द जानने के लिए गुरुवार को कलेक्टर सुधीर कुमार त्रिवेणी गांव पहुंचे। हालांकि उन्हें भी गांव तक पहुंचने में दो किमी पैदल चलना पड़ा। उन्हें भी गांव पहुंचने में काफी परेशानी महसूस हुई। आधे घंटे पैदल चलने के बाद कलेक्टर कोचर त्रिवेणी गांव पहुंचे। यहां उन्हें एहसास हुआ कि वास्तव में यहां पर कुछ बदलाव नहीं हुआ है। लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। महिलाएं पानी भरने के लिए दो किमी पैदल जाती हैं। गांव में काम न होने के कारण आधिकांश लोग बेरोजगार है। सड़क न होने से जान जोखिम में बनी रहती है। हालांकि जब कलेक्टर गांव पहुंचे तो आदिवासी परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। घर में कुसिर्यां नहीं थी तो उन्होंने रस्सी वाला पलंग निकाला और उस पर साफ चादर बिछाकर कलेक्टर को बैठाया। वहीं, ग्रामीण जमीन पर बैठे नजर आए। कलेक्टर ने सभी की समस्याएं सुनी। एक-एक कर सभी ने अपनी-अपनी परेशानी बताई। इस बीच गांव में पेयजल की व्यवस्था करने वाली वाटर एड कंपनी के अधिकारी विमल विश्वकर्मा भी टीम के साथ मौजूद थे।
-गांव में अतिथि शिक्षक की लगाई ड्यूट
कलेक्टर को मालूम चला कि गांव में स्कूल नहीं है। इस वजह से यहां पर रहने वाले ३२ बच्चे स्कूल नहीं जाते। गांव में स्कूल तुरंत न खुल पाने की स्थिति में एक अतिथि शिक्षक की ड्यूटी गांव में लगाई है। डीईओ को मौके पर फोन कर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। वहीं, गांव में एक मिनी आगनबाड़ी केंद्र खोलने के लिए महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया।
-पीएचई विभाग ने कराया बोरबेल
यह पहला मौका है जब पानी की समस्या से जूझ रहे किसी भी गांव में पानी की तुरंत व्यवस्था पर कार्रवाई शुरू हुई है। त्रिवेणी गांव में कलेक्टर के निर्देश पर पीएचई विभाग ने शाम को टीम भेजकर तुरंत बोरबेल की प्रक्रिया शुरू कराई। बकायदा यह काम पूजन अर्चन से शुरू हुआ।
यह भी दिए निर्देश
-चेक डेम निर्माण का सर्वेक्षण
-सीसी सड़क निर्माण
-जल आपूर्ति समस्या का समाधान
-नए सरकारी बोरवेल की स्वीकृति
-वाटर ऐड की सराहना एवं सम्मान
-पत्रिका ने सामने लाई थी हकीकत
पत्रिका ने १७ मार्च को शीर्षक सड़क-पानी न होने से पलायन, ६० मे से १४ परिवार ही बचे नाम से खबर प्रकाशित की थी। खबर के बाद कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया था। हालांकि पूर्व में गांव का दौरा तय हुआ था, लेकिन जरूरी कार्य के कारण कलेक्टर मौके पर नहीं जा सके। हालांकि गुरुवार को उन्होंने गांव का निरीक्षण किया और जरूरी कार्य कराए।

वर्शन

मैं आज त्रिवेणी गांव गया। मुझे यहां जाकर मालूम चला कि वास्तव में यहां के लोग कैसे जीवन जी रहे हैं। पानी की तुरंत व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। गांव में एक शिक्षक की ड्यूटी लगाई है। मिनी आगनबाड़ी केंद्र भी खुलवा दिया है।

सुधीर कुमार कोचर, कलेक्टर दमोह