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करोड़ों रुपए की लागत से बना पाडल्या-गिरोता सीसी मार्ग उखडऩा शुरू

सीसी मार्ग उखडऩा शुरू
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Shailendra shirsath

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Updated: 29 Dec 2022, 1:19 AM IST

करोड़ों रुपए की लागत से बना पाडल्या-गिरोता सीसी मार्ग उखडऩा शुरू

करोड़ों रुपए की लागत से बना पाडल्या-गिरोता सीसी मार्ग उखडऩा शुरू

करोड़ों रुपए की लागत से बना पाडल्या-गिरोता सीसी मार्ग उखडऩा शुरू
गौतमपुरा. पाडल्या से गिरोता 11 किलोमीटर दूरी का मार्ग क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग की दयनीय हालत 2010 में हो गई थी। यह मार्ग चलने लायक नहीं बचा था । ग्रामीणों ने इस मार्ग के निर्माण लिए संघर्ष किया। तब जाकर 2016 में शासन ने सीसी रोड मंजूर किया। ठेकेदारों की अदला-बदली के चलते सन् 2021 तक सडक़ बनाने का कार्य पूर्ण हुआ। सडक़ बनने के बाद क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह था। यह उत्साह ज्यादा दिनों तक नहीं रह पाया। अधिकारियों की लापरवाही व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते निर्माण कार्य में गुणवत्ता नहीं आई। जिसका परिणाम यह रहा कि 1 वर्ष में ही सडक़ के बीच में दरारें पडऩे लग गई। जो इतनी बड़ी है कि मोटरसाइकिल, साइकिल के पहिए उसमें फंस जाए। सीसी रोड बनने के बाद कई वर्षों तक नहीं उखड़ता है। घटिया निर्माण के चलते सडक़ से सीमेंट गायब होने लग गई। कंकर-पत्थर बाहर आने लग गए। वहीं पाडल्या, जलोदियाज्ञान, खेड़ा, कुलाला, ओसरा के नालों पर बनी पुरानी पुलियाओं की ऊंचाई बढ़ाने की जगह सिर्फ उस पर सीसी कर दिया गया। नियमानुसार सभी पुलियाओं की ऊंचाई बढ़ाने चाहिए थी। ऊंचाई नहीं बढ़ाने के कारण कई पुलियाओं पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सडक़ के दोनों ओर पटरी पक्की मुरम से भरना थी।पटरियों को मिट्टी से भरा गया। जलोदिया ज्ञान में नाली का जो निर्माण किया गया वह सडक़ से ऊंची बनाई गई। जिस कारण सडक़ का पानी नालियों में नहीं पहुंच पाता है। सडक़ निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने घटिया निर्माण की शिकायत की गई परंतु किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।सडक़ की दुर्दशा की जानकारी एमपीआरडीसी अधिकारियों को दी जाती है तो उनका रटा-रटाया जवाब ग्रामीणों को मिलता है कि हम देखते हैं और सडक़ में सुधार कराते हैं। ग्रामीणों ने सडक़ को सुधारने के साथ घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग शासन से की है।
फोटो दरार पड़ी सडक़ का।