
-शासन ने जिला अस्पतालों में उपयोग की जा रही ९ दवाओं के साइड इफेक्ट मिलने पर लगाई रोक
दमोह. सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गईं ९ दवाओं के उपयोग पर शासन ने फिलहाल रोक लगा दी है। इन दवाओं के स्टॉक जहां-जहां पर हैं। उन्हें अलग रखने के निर्देश दिए हैं। इसी संबंध में जिला अस्पताल को भी एक पत्र मिला है। फौरी तौर पर प्रबंधन ने ९ दवाओं की पड़ताल कराई। हालांकि जिस बेच नंबर की दवाएं बेन की गई हैं। उस बेच का सिर्फ एक इंजेक्शन हीं स्टोर में मिला है।
स्टोर इंजार्च का कहना है कि यह एक रुटीन प्रक्रिया है, जिस भी सरकारी अस्पताल में किसी भी दवा के बुरे असर सामने आते हैं तो उसकी शिकायत के बाद दवाओं को बेन कर दिया जाता है। इन दवाओं की सैंपलिंग होती है और जांच की जाती है। जांच में रिपोर्ट ओके आती है तो दवाएं वापस से चालू करा दी जाती हैं। अमानक पाए जाने पर दवाएं वापस कर दी जाती है।
-५०० इंजेक्शन लग चुके मरीजों को
इस मामले में खासबात यह है कि शासन ने जिन ९ दवाओं के उपयोग पर रोक लगाई है। उनमें से सिर्फ डोपामाइन इंजेक्शन ही अस्पताल में उपयोग हो रहा है। यह इंजेक्शन हार्ट के मरीजों के लिए दिया जाता है। खासबात यह है कि बेन लगने से पहले ही ५०० इंजेक्शन मरीजों को लगाए जा चुके हैं। हालांकि इंजेक्शनों के साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं।
-इंदौर में हुई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार इंदौर के सरकारी अस्पताल में ९ दवाओं के संबंध में शिकायत की गई थी। मामला १३ अगस्त के आसपास का है। बताया जाता है कि जिला अस्पताल में तभी से इंजेक्शन अलग रख दिए हैं।
-अस्पताल से भी हो चुकी एक शिकायत
स्टोर से मिली जानकारी के अनुसार कुछ महीने पहले जिला अस्पताल में खून बंद करने वाले इंजेक्शन को लेकर वार्ड की तरफ से शिकायत मिली थी। इसके बाद शासन को इसकी जानकारी दी गई थी। शासन ने उक्त दवा बंद करा दी थी। हालांकि जांच के बाद रिपोर्ट ओके मिलने पर इंजेक्शन का वापस से उपयोग किया गया था।
Published on:
28 Aug 2024 08:12 pm

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