
चेन्नई. कोरोना की मार से पूरी तरह उबर चुका पर्यटन अब फिर से परवान चढ़ चुका है। भारत के दक्षिणी राज्यों की तरह तमिलनाडु में भी पर्यटन के विविध विकल्प हैं जो इसकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। मेडिकल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म, ईको टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म आदि का तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। राज्य के जीडीपी में पर्यटन का 6.7% का योगदान है। तमिलनाडु का पर्यटन देश की घरेलू पर्यटक यात्राओं में 25.6% और विदेशी पर्यटक यात्राओं में 20.6% का योगदान करता है। इस वजह से लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त है। अन्य उद्योग की तुलना में पर्यटन क्षेत्र में कम निवेश से अधिक रोजगार सृजन की संभावनाएं हैं। सरकार की कोशिश है कि वह मौजूद पर्यटन संभावनाओं का पूरा उपयोग करे।
इन पर सरकार का फोकस
चिकित्सा पर्यटन : तमिलनाडु चिकित्सा पर्यटन के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है, जहां कई विश्व- स्तरीय अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं हैं। यह खंड विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है, जिससे राज्य को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होता है।
साहसिक पर्यटन : राज्य के विविध भूगोल, जिसमें पहाड़, जंगल और तटीय क्षेत्र शामिल हैं, साहसिक गतिविधियों जैसे ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और जल क्रीड़ा के लिए बहुत सारे अवसर प्रदान करता है।
विरासत पर्यटन : तमिलनाडु में एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हैं, जिसमें कई ऐतिहासिक मंदिर, स्मारक और पुरातात्विक स्थल हैं। ये आकर्षण प्रति वर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को समर्थन देते हैं और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देते हैं।
इको-टूरिज्मः राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जिसमें इसके समुद्र तट, जंगल और वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, इसे इको-टूरिज्म के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाती है। यह खंड टिकाऊ पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देता है और संरक्षण प्रयासों का समर्थन करता है।
ग्रामीण पर्यटनः तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्र एक अनोखा सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करते हैं, जहां स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ने, पारंपरिक शिल्प देखने और ग्रामीण व्यंजनों का आनंद लेने के अवसर हैं। जैसे चेट्टिनाड विलेजों की श्रेणी का कानाडु कात्तान, फिल्म इंडस्ट्री की आंख का तारा है, जहां के विशालकाय ट्रेडिशनल आवासों में शूटिंग होती रहती है।
वन्यजीव पर्यटन : राज्य में कई राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य हैं, जो वन्यजीव संरक्षण और अवलोकन में रुचि रखने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। एलिफेंट कॉरिडोर इसका उदाहरण है, जिसके संरक्षण के लिए कोर्ट ने भी दखल दिया है। राज्य पशु थार, रामासर साइट और अन्य दर्शनीय स्थलों पर भी कार्य किया जा रहा है।
सी-लिफ्ट और ग्लास ब्रिज : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामेश्वरम को जोड़ने वाले पामबन ब्रिज का संभवतः फरवरी महीने में उद्घाटन कर देंगे। यह पामबन में समंदर पर देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज है जो जहाजों की आवाजाही पर ऊपर की ओर खुलेगा। अभी से देखने लोग उमड़ रहे हैं। इसी तरह कन्याकुमारी में दिसम्बर महीने के अंत में सीएम एमके स्टालिन ने समंदर पर ग्लास ब्रिज का उद्घाटन किया। यह रॉक मेमोरियल और तिरुवल्लूर की आकाशीय प्रतिमा को जोड़ता है जिस पर लोग पैदल गुजर सकते हैं। आने वाले दिनों में ये दोनों स्थल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।
Published on:
04 Feb 2025 03:58 pm
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