सनातन धर्म की परंपरा अनुसार मंगलवार को वट सावित्री पूर्णिमा मनाई गई। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हुए वट वृक्ष को कच्चा सूत बांधकर पूजा अर्चना की। मान्यता है कि इस दिन सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से बचाए थे। तब से पति की लंबी उम्र के लिए ये पर्व मनाया जाता है।
वट वृक्ष पर सात बार सूत लपेटकर पूजा पश्चात महिलाओं ने एक दूसरे को सुहाग सामग्री और फल भेंट किए। इसके साथ ही वट सावित्री की कथा भी पंडितों द्वारा सुनाई गई। सुबह से शहर के विभिन्न मंंदिरों के पास, उद्यानों में लगे वट वृक्ष की पूजा के लिए भीड़ उमड़ी। जगदंबा नगर में सखी सहेली महिला मंडल द्वारा सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की गई। पूजा में महापौर अमृता अमर यादव भी शामिल हुईं। इस दौरान महिला मंडल की सुनीता वर्मा, सारिका बघेल, शोभा शर्मा, कृष्णा जायसवाल, नीला ईकले, गीता बोरासिया, बीना बैस, कमला चौहान, चंदा बोरसिया, प्रीति बोरसिया, अंकिता मिश्रा, प्रिया बोरसिया, स्नेहा पटेल, दुर्गा पटेल, डिंपल फूलमाली, रिद्धिमा श्रवण सहत अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।