
-मार्च में राजपत्र में जारी हुई थी अधिसूचना, पर अभी तक प्रस्ताव नहीं रखा पीआइसी में
-आगामी बैठक तक करना पड़ेगा और इंतजार
दमोह. शहर से लगी ९ ग्राम पंचायत के गांव को दमोह नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने की अधिसूचना को राजपत्र में जारी हुए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक वार्डों का परिसीमन नहीं हो पाया है। इस कारण से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इन ग्राम पंचायतों के गांव कौन-कौन से वार्ड का हिस्सा होंगे। नपा ने अभी तक इसको लेकर कोई तैयारी भी शुरू नहीं की है। बताया जाता है कि वार्डों के परिसीमन के लिए नपा को पीआइसी की बैठक बुलानी होगी। इसमें इस मुद्दे को रखा जाएगा। यहां पर ही परिसीमन की कार्रवाई पूरी होगी। खासबात यह है कि पिछले महीने पीआइसी की बैठक हुई थी, लेकिन इस बैठक में यह प्रस्ताव नहीं रखा गया था। हालांकि माना जा रहा है कि अगली पीआइसी की बैठक में इस मुद्दे को रखा जाएगा।
बता दें कि अधिसूचना जारी होने के बाद शहर में शामिल होने वाले गांव के लोगों में खुशी की लहर देखी गई थी। क्योंकि यहां रहने वाले लोग मूलभूत आवश्यकताओं के लिए विकास की बाट देख रहे थे। इसके साथ ही आगामी समय में दमोह नगर पालिका के नगर निगम बनने का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि अभी तक दमोह नगर पालिका क्षेत्र में 39 वार्ड शामिल थे। अब नौ पंचायत और शामिल होने से वार्डों की संख्या में इजाफा हो सकता है। बताया जाता है कि कुछ पंचायत की आबादी 8000 से भी अधिक है।
-एनओसी न मिलन से अटकी थी प्रक्रिया
बीते कई साल से नगर पालिका क्षेत्र के आसपास की पंचायत को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने का प्रयास चल रहा था। लेकिन पंचायत एनओसी न मिलने के कारण हर बार यह प्रक्रिया खटाई में पड़ जाती थी। 13 मार्च को आखिरकार सफलता मिली थी।
-यह ९ पंचायत के गांव हुए हैं शामिल
दमोह ब्लॉक में आने वाली ग्राम पंचायत इमलाई का इमलाई गांव, आम चोपरा का चोपरा खुर्द, चोपरा रैयतवारी, हिरदेपुर पंचायत का हिरदेपुर गांव, मारुताल ग्राम पंचायत का मारुताल और कोटातला रैयतवारी, ग्राम पंचायत पिपरिया दिगंबर में शामिल लाडनबाग, ग्राम पंचायत मढ़ाहार में शामिल राजनगर खुर्द, ग्राम पंचायत समन्ना में समन्ना माल और समन्ना रैयतवारी, ग्राम पंचायत सिंगपुर में सिंगपुर गांव और 9वीं ग्राम पंचायत कुंवरपुर में पिपरिया नायक गांव शामिल है।
-वार्ड क्रमांक मिलने का इंतजार
यह सभी गांव शहर में शामिल हो चुके हैं, लेकिन अभी इन्हें वार्ड क्रमांक नहीं दिए गए हैं। वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया अटकी होने के कारण इसमें वक्त लग रहा है।
यह मिलेगी सुविधाएं
-शहर से मिलने वाले पानी की सुविधा।
-बिजली कनेक्शन।
-घर-घर कचरा उठाने आएंगे कचरा वाहन।
-सड़क व नालियों की नियमित होगी सफाई।
-शहरी क्षेत्र का दर्जा।
कलेक्टर बोले….
पीआइसी की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाना है। बैठक में ही तय होगा कि कौन सा गांव किस वार्ड का हिस्सा बनेगा। अभी तक यह प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हुई है इस पर मैं सीएमओ से बात करता हूं। कोशिश रहेगी कि आगामी पीआइसी की बैठक में इसे रखा जाए।
सुधीर कुमार कोचर, कलेक्टर दमोह
Published on:
22 Sept 2024 08:12 pm
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