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गेहूं खरीदी 2025 : प्रदेश सरकार की व्यवस्था परिवर्तन में नोडल एजेंसी मार्कफेड बाहर, होली बाद नागरिक आपूर्ति निगम केंद्रों पर शुरू करेगा तौल

सरकार ने खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर समेत इंदौर संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्था में परिवर्तन किया है। चालू सीजन में गेहूं उपार्जन की व्यवस्था नोडल एजेंसी मार्कफेड से छीन लिया है। केंद्रों पर अब सीधे नागरिक आपूर्ति निगम ( नान ) खरीदी करेगा। नई व्यवस्था में परिवहन खर्च को रोकने गोदाम स्तरीय केंद्रों पर तौल होगी। गोदाम से 40 किमी दूर समिति स्तर पर तीन केंद्र बनाए गए हैं।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Mar 05, 2025

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Wheat Procuremen (File Photo)

चालू सीजन में गेहूं खरीदी में सरकार की नई व्यवस्था के चलते खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर समेत संभाग में उपार्जन की व्यवस्था बदल गई है। केंद्रों पर होली त्योहार के बाद 15 मार्च से तौल करने की तैयारी है। केंद्रों पर सीधे नागरिक आपूर्ति निगम गेहूं की खरीदी करेगी। मॉनिटरिंग करेंगी जिला उपार्जन कमेटी

खंडवा, खरगोन समेत संभाग में बदली व्यवस्था

सरकार ने खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर समेत इंदौर संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्था में परिवर्तन किया है। चालू सीजन में गेहूं उपार्जन की व्यवस्था नोडल एजेंसी मार्कफेड से छीन लिया है। केंद्रों पर अब सीधे नागरिक आपूर्ति निगम ( नान ) खरीदी करेगा। नई व्यवस्था में परिवहन खर्च को रोकने गोदाम स्तरीय केंद्रों पर तौल होगी। गोदाम से 40 किमी दूर समिति स्तर पर तीन केंद्र बनाए गए हैं। उपार्जन की मॉनीटरिंग जिला उपार्जन समिति करेगी। निगरानी जिला प्रशासन की फौज करेगी। नोडल अधिकारी के रूप में आपूर्ति नियंत्रक बनाए गए हैं।

निर्यात पर रोक लगने के बाद केंद्रों पर तौल बढ़ने की उम्मीद

सरकार ने निर्यात पर रोक लगा दिया है। इससे उम्मीद है कि केंद्रों पर गेहूं के उपज की तौल होगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि मंडी भाव और समर्थन मूल्य के बीच अंतर कम हुआ है। इस लिए केंद्र पर भी मात्रा बढ़ सकती है। पिछले तीन सालों में निर्यात अधिक हुआ। इससे मंडी में भाव अच्छे मिले। चालू समय में मंडी में अधिकतम तीन हजार रुपए क्विंटल तक बिक रहा है। न्यूनतम 2200 रुपए प्रति क्विंटल की तौल हुई है। जबकि समर्थन मूल्य 2425 रुपए और 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस के साथ 2600 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगा। पिछले साल की तुलना में केंद्रों पर अधिक उपज की तौल होने की उम्मीद है।

50 % किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं

उपार्जन के लिए पिछले साल 71 केंद्रों पर 20 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन किया था। सिर्फ 419 ने उपज बेची थी। चालू वर्ष में 61 केंद्रों पर खरीदी की तैयारी है। चार मार्च की स्थिति में 7 हजार 531 किसानों ने पंजीयन कराया है। 15 मार्च से तौल शुरू होगी। रजिस्ट्रेशन का समय 31 मार्च तक बढ़ा दिया है।

परिवहन खर्च रोकने गोदाम स्तरीय केंद्र बनाए

जिला उपार्जन समिति ने चालू सीजन में परिवहन व्यवस्था पर खर्च रोकने 10 केंद्र कम कर दिया है। नई व्यवस्था में 61 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 58 केंद्र गोदाम स्तरीय होंगे। गोदाम से 40 किमी दूर तीन केंद्र समिति स्तर पर तौल होगी। पिछले साल 71 केंद्र बनाए गए हैं। ज्यादातर समिति स्तर पर संचालित हो रहे थे। इस पर परिवहन खर्च रोकने नई व्यवस्था बनाई है।

हर साल घट रही तौल की मात्रा

केंद्रों पर हर साल घट रही उपार्जन की मात्रा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की मात्रा हर साल लगातार मात्र घट रही है। बीते पांच साल में खरीदी के आंकड़़े की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में 2.15 मीट्रिक टन खरीदी हुई। इसके बाद से लगातार केंद्रों पर मात्र घटी है। वर्ष 2022 में 50 हजार मीट्रिक टन हुई। वर्ष 2023 में सिर्फ 5 हजार मीट्रिक टन खरीदी हुई। वर्ष 2024 में 3900 मीट्रिक टन हुई। चालू सीजन में सरकार नेे न्यूनतम समर्थन मूल्य और बोनस के साथ 2600 रुपए प्रति क्विंटल देने की घोषणा की है। इससे उम्मीद है कि केंद्रों पर पिछले साल की तुलना में अधिक मात्रा में खरीदी हो सकती है।

वर्जन...जिला आपूर्ति अधिकारी एवं उपार्जन नोडल अधिकारी एके तिवारी का कहना है कि...शासन ने खरीदी की व्यवस्था में परिवर्तन किया है। इस पर नोडल एजेंसी मार्कफेड की जगह नागरिक आपूर्ति निगम तौल करेगा। परिवहन पर कम खर्च रोकने के लिए कलेक्टर साहब ने निर्णय लिया है कि खरीदी केंद्र गोदाम स्तरीय बनेंगे। शासन की गाइड लाइन के अनुसार ऐसे केंद्र जो गोदाम से चालीस किमी दूर होंगे वहां समिति स्तर पर तौल होगी।