
ओआरएस का कवरेज पिछले कुछ सालों में बढ़ने के बावजूद, अभी भी यह 60.6% ही है….
मुंबई. डायरिया के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों के लिए रेडी-टू-ड्रिंक (आरटीडी) फॉर्मेट में डब्ल्यूएचओ के अनुशंसित फॉर्मूले पर बने इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स की निर्माता केनव्यू ने ओआरएस को लॉन्च किया। डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार डायरिया वैश्विक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसमें हर साल बच्चों में डायरिया के लगभग 1.7 बिलियन मामले सामने आते हैं। भारत में, डायरिया 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण बना हुआ है। डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुशंसित ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ओआरएस) डायरिया के इलाज में स्वर्ण मानक है, फिर भी इसे पर्याप्त रूप से प्रिस्क्राइब नहीं किया जाता। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के अनुसार, 5 साल से कम उम्र के बच्चों में ओआरएस का कवरेज पिछले कुछ सालों में बढ़ने के बावजूद, अभी भी (60.6%) ही है जो कम है।
रेडी-टू-ड्रिंक ओआरएस मरीजों को एक ऐसा समाधान प्रदान करता है जो डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुशंसित सटीक ऑस्मोलैरिटी (द्रव्य में विलेय सांद्रता) सुनिश्चित करता है, इसे रेडी-टू-ड्रिंक फॉर्मेट में आसानी से सेवन किया जा सकता है और डायरिया से लड़ने के लिए रीहाइड्रेशन प्रदान करता है। यह अनुमान लगाया गया है कि केवल ओआरएस के उपयोग से डायरिया से होने वाली 93% मौतों को रोका जा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि कम ऑस्मोलैरिटी वाले ओआरएस सॉल्यूशन्स अनिर्धारित IV थेरेपी को 33% तक कम करने में प्रभावी साबित हुए हैं।
जर्नल ऑफ एप्लाइड फार्मास्युटिकल साइंसेज में प्रकाशित केनव्यू के एक अध्ययन, भारत में उपभोक्ताओं के बीच तैयारी की विधि में असमानता के कारण पुनर्गठित पाउडर वाले ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट की ऑस्मोलैरिटी में व्यापक भिन्नता ने यह खुलासा किया कि पाउडर वाले ओआरएस घोल की तैयारी में पर्याप्त त्रुटियां होने की संभावना होती हैं, जो उनकी प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती हैं और डायरिया डिहाइड्रेशन के दौरान जोखिम पैदा कर सकती हैं। औरसल के निर्माताओं का नया ओआरएस, हाइड्रा-एक्टिव टेक्नोलॉजी के साथ बनाया गया है और 100% सुनिश्चित डब्ल्यूएचओ ऑस्मोलैरिटी प्रदान करता है, जो डायरिया से तेजी से रिकवरी में मदद करता है।
Published on:
04 Feb 2025 12:12 am

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