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CG News: क्लोज डोर मीटिंग के आने वाले समय में दिखेंगे परिणाम, नक्सलवाद रुकेगा: रमन सिंह

CG News: CG News: राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत जोन के बेंगलूरु में हो रहे 11वें समेलन में दूसरे दिन शुक्रवार को देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपने-अपने पक्ष रखे। यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि हमने क्लोज डोर मीटिंग की शुरुआत की है। वजह यह कि विधायक सदन में खुलकर कुछ भी कहने से डरते हैं।

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CG News: क्लोज डोर मीटिंग के आने वाले समय में दिखेंगे परिणाम, नक्सलवाद रुकेगा: रमन सिंह(photo-patrika)

CG News: क्लोज डोर मीटिंग के आने वाले समय में दिखेंगे परिणाम, नक्सलवाद रुकेगा: रमन सिंह(photo-patrika)

CG News: राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत जोन के बेंगलूरु में हो रहे 11वें समेलन में दूसरे दिन शुक्रवार को देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपने-अपने पक्ष रखे। यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि हमने क्लोज डोर मीटिंग की शुरुआत की है। वजह यह कि विधायक सदन में खुलकर कुछ भी कहने से डरते हैं।

CG News: किसने क्या कहा...

उन्हें लगता है कि कहीं उनकी हत्या ना हो जाए। इसलिए हमने क्लोज डोर मीटिंग की शुरुआत की। इसमें विधायक खुल कर बोले, 10-10 घंटे तक बातचीत हुई । आने वाले समय में इसके परिणाम सामने आएंगे। रमन ने कहा कि विधानसभा बहस का अखाड़ा नहीं, जनता की समस्या सुलझाने का स्थान है।

विधानसभा अध्यक्षों से पत्रिका ने बातचीत की तो सामने आया कि हर राज्य के अध्यक्ष की समस्या एक ही थी कि हंगामा और सदन नहीं चलना। इस पर सबने एक सुर में कहा कि संवाद ही समाधान है। सदन चले, तभी लोकतंत्र की गरिमा रहेगी। खास बात यह रही कि कई विधानसभा के अध्यक्षों ने अपनी पीड़ा और समस्याएं बताई।

तोमर ने रोका

तमिलनाडु के विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु ने कहा कि उनके राज्यपाल उनके विधायक पास नहीं होते देते, अटका के रखते हैं, तो मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर कहा कि यहां पर ऐसी बातें ना करके विषय पर ही बात हो। फिर मंच से इस पर व्यवस्था दी गई, तो बात वापस पटरी पर लौट आई।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधानसभा की गरिमा गिर रही है, इसलिए पूरे देश की विधानसभाओं के लिए राज्य सूचकांक लागू करना चाहिए। देर शाम तक विभिन्न विधानसभा के अध्यक्ष अपनी- अपनी बात रखते रहे। अब समेलन के तीसरे दिन अभी तक की चर्चा का निष्कर्ष पेश किया जाएगा।

इन्होंने भी रखी प्रमुख बातें-

चिंता जरूरी: हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि हम लोगों के अनुरूप काम नहीं कर पा रहे हैं। क्या हम लोकतंत्र को नेपाल और बांग्लादेश की ओर तो नहीं ले जा रहे हैं, पर सोचने की जरूरत है।

भरोसा जरूरी: जमू कश्मीर के डिप्टी स्पीकर अब्दुल रहीम ने कहा कि भरोसा स्लोगन में नहीं, प्रक्त्रिस्या में दिखना चाहिए, तभी लोकतंत्र जनता रहेगा। लोकतंत्र में सार्थक संवाद होना चाहिए।

ओम बिरला की सबने की तारीफ

विभिन्न विधानसभा के अध्यक्षों ने अपने-अपनी बातें रखी, तो प्रत्येक अध्यक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष बिरला समन्वय और सार्थक संवाद में यकीन रखते हैं। पत्रिका से बातचीत में भी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल, ओडिशा और दिल्ली के विधानसभा अध्यक्षों ने ओम बिरला की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा को लेकर लोकसभा अध्यक्ष की चिंता सही है और सार्थक संवाद होना चाहिए। वह पूरा समन्वय करते हैं। इसे लेकर बिरला बेहतर प्रयास कर रहे हैं।

दिल्ली: सबकी एक कहानी

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि हमें जनता ने अपनी समस्याएं उठाने के लिए चुना है। पत्रिका से उन्होंने कहा कि अभी तक समस्या पर ही बात होती रही है, लेकिन समाधान पर बात होनी चाहिए। पूरे देश के विधानसभा अध्यक्षों की एक ही कहानी है कि वह समस्याओं से त्रस्त है।

मप्र: टकराव नहीं, समन्वय की जगह-

मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधानसभा विचारों की टकराव नहीं, विचारों के समन्वय की जगह है। यहाँ संवाद और समन्वय होना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के वक्तव्य का उल्लेख कर दोहराया कि सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेगी, मगर यह देश रहना चाहिए, इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए।‘ उन्होंने कहा कि संवाद लोकतंत्र की आत्मा है।

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