
Case of collecting fine from schools in Noida
Supreme Court: नोएडा में 100 निजी स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने वाला मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि स्कूल बंद होने के बाद भी जिन निजी विद्यालयों ने लाकडाउन के दौरान बच्चों के अभिभावकों से फीस वसूली थी वे 15 प्रतिशत वापस करेंगे। आज यानी 28 अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस के सामने मामला पहुंचा है। अदालत याचिका पर 8 मई को सुनवाई करेगी।
कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हुआ पालन
उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने पर गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने विद्यालयों पर एक्शन लिया था। इसके साथ ही सभी विद्यालयों को 10 दिन के अंदर जवाब देने के लिए भी कहा गया था। कोरोना के वक्त विद्यालयों ने पैरेंट्स से पूरा शुल्क वसूला था। इसके विरूद्ध अभिभावकों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। जिसके तहत स्कूलों को शुल्क वापस करने का आदेश दिया गया था। कोर्ट का कहना था कि स्कूलों को महामारी के दौरान लिए गए शुल्क का 15 प्रतिशत अभिभावकों को वापस होगा।
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शहर के नामचीन स्कूल भी शामिल
हालांकि कोर्ट आदेश के बाद भी इसका पालन नहीं किया गया। जिन विद्यालयों पर जुर्माना लगा है, उनमें जिले के कई बड़े स्कूलों के नाम शामिल हैं। कोर्ट ने माना था कि लॉकडाउन के दौरान स्कूल सिर्फ टीचिंग फीस के अलावा अन्य कोई शुल्क लेने का हकदार नहीं है।
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Updated on:
28 Apr 2023 03:27 pm
Published on:
28 Apr 2023 03:26 pm
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