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इलाज के नाम पर लूटने वाले अस्पतालों पर सख़्त कार्रवाई, वापस दिलवाए गए 8 मरीजों के पैसे, देखें लिस्ट

गौतमबुद्ध नगर ज़िलाधिकारी के आदेश पर पैसे हुए वापस। व्हाट्सएप के जरिए की जा सकती है कंप्लेंट।

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नोएडा। कोरोना संक्रमण (coronavirus) की दूसरी लहर में प्राइवेट अस्पतालों (covid hospitals) की लूट खसोट किसी से छिपी नहीं है। आए दिन इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। जिसके मद्देनजर गौतमबुद्ध नगर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने निर्देश पर ऐसे अस्पतालों (private hospitals) पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन ने एक्शन लेते हुए गौतमबुद्ध नगर के 8 प्राइवेट अस्पतालों को मरीजों से इलाज के नाम पर ज्यादा राशि वसूलने (extra bill) का दोषी पाया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मरीजों को उक्त अस्पतालों से पैसे वापस कराए हैं। इलाज के नाम पर अधिक बिल वसूलने वाले अस्पतालों में यथार्थ, प्रकाश, जेपी, जेआर और फेलिक्स शामिल हैं।

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मामले की जानकारी देते हुए गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ दीपक ओहरी ने बताया कि प्रशासन द्वारा जारी किए गए व्हाट्सएप नंबर पर अब तक सिर्फ 8 ही लोगों की शिकायतें मिली थीं। जिसमें उन्होंने कहा कि उनसे या उनके परिजनों ने अस्पतालों ने इलाज के नाम पर अधिक बिल वसूला है। इन सभी शिकायतों की जांच कराई गई। जिसके बाद यह सामने आया कि वास्तव में अस्पतालों ने अधिक बिल वसूला है। जिसके बाद उक्त अस्पतालों से मरीजों के पैसे वापस दिलवाए गए हैं। अगर कोई और शिकायत यदि किसी की आती है तो उनकी भी जांच कराकर मरीज को पैसे वापस दिलवाए जाएंगे।

किस अस्पताल ने कितने पैसे किए वापस

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आने के बाद नोएडा में स्थित एनआरआई डायग्नोस्टिक सेंटर ने मरीज को 3500 रुपये वापस किए हैं। दुर्गा अस्पताल ने 1.63 लाख रुपयेे का बिल संशोधित किया। यथार्थ अस्पताल ने 35000 रुपये मरीज के खाते में वापस किए हैं। वहीं एक और मामले में यथार्थ अस्पताल ने पीड़ित को 10,300 रुपये का डिस्काउंट दिया। जेपी अस्पताल ने 9000 रुपये अतिरिक्त चार्ज किए जो जांच में सामने आने के बाद वापस किए गए हैं। प्रकाश अस्पताल ने भी इलाज के नाम पर 75000 रुपये की अतिरिक्त लिए, जिसे मरीज को छूट के नाम पर कम किया गया। जेआर अस्पताल ने मरीज से 60000 अधिक बिल वसूला, बाद में इस पैसे को बिल में एडजस्ट किया गया। फेलिक्स अस्पताल ने मरीज को 4960 रुपये लौटाए।

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इस नंबर पर भेजें बिल

जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों को आगाह किया गया है कि वह शासन की तरफ से निर्धारित दरों का सख्ती से पालन करें। अगर ऐसा नहीं होता तो संबंधित अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उससे अधिक बिल की वसूली हुई है तो वह “9354357073” नंबर पर बिल व्हाट्सएप करे। उसकी जांच कराकर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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