
नोएडा. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सच्चाई भी अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। बीते दिनों एक्टर पवन सिंह और एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का रिश्ता चर्चा का विषय बना था। अब दो बड़े स्टार्स पवन सिंह और खेसारी लाल यादव का झगड़ा कई भेद खोलते जा रहा है। एक्ट्रेस काजल राघवानी ने काफी हैरान करने वाली बातें बताई हैं। काजल का कहना है कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री जाति के खेमों में बुरी तरह बंटी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर एक्ट्रेसेस को उठाना पड़ता है।
पांडेय, सिंह और यादव के खेमों में बटी है इंडस्ट्री
एक्ट्रेस काजल राघवानी का कहना है कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री पांडेय, सिंह और यादव के खेमों में बंटी हुई है। अगर कोई एक्ट्रेस यादव के साथ काम कर लेती है, तो उसे सिंह और पांडेय के साथ काम नहीं मिलता है। इतना ही नहीं अगर कोई एक्ट्रेस सिंह या पांडेय के साथ काम कर लेती है, तो उसे दूसरे एक्टर के साथ काम करने का मौका नहीं मिलता।
एक्टर और प्रोड्यूसर्स करते हैं गलत बर्ताव
काजल राघवानी ने बताया कि भोजपुरी फिल्मों के एक्टर और प्रोड्यूसर्स एक्ट्रेसेस के साथ गलत बर्ताव करते हैं। उन्होंने कहा कि भोजपुरी इंडस्ट्री में पूरी तरह पुरुषों का वर्चस्व है। बिना उनकी मर्जी के कोई एक्ट्रेस एक कदम आगे नहीं बढ़ सकती है।
उठती रही है कास्टिग काउच की बात
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच की बात कोई नई नहीं है, ये बात को पहले से ही उठती रही है। कहा तो यहां तक जाता है कि बड़े एक्टर, प्रोड्यूसर्स इंडस्ट्री से जुड़ी एक्ट्रेसेस को अपनी सुविधा से हर तरह से इस्तेमाल करते हैं। ऐसा इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि इंडस्ट्री में ज्यादातर एक्टर भोजपुरी के गायक हैं, जिन्होंने गाने के जरिए अपनी पहचान बनाई और बाद में वे फिल्में करने लगे। जबकि भोजपुरी एक्ट्रेसेस ज्यादातर भोजपुरी इलाके से बाहर की हैं। ऐसे में उन्हें फिल्मों में काम पाने के लिए एक्टर की हर मांग को पूरी करनी पड़ती है।
Published on:
21 Dec 2021 11:36 am
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