
आर बी लाल की गिरफ्तारी का आदेश
नोएडा। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों के लिए नया फरमान जारी किया है। दरअसल अब प्राथमिक विद्यालयों के टीचर बिना दाढ़ी बनाए और चप्पल पहनकर स्कूल नहीं आ सकेंगे। अब उन्हें स्मार्ट दिखना होगा। यह नया आदेश जारी होने के बाद जब प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अनिकेत माहेश्वरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अध्यापक की एक आदर्श छवि होती है। ऐसे में अगर सरकार ने उनके लिए शेविंग करने और जूते पहनकर स्कूल आने के निर्देश दिए हैं तो यह स्वागत योग्य है। ऐसा नहीं है कि इन आदेशों के बगैर भी अध्यापक यह ध्यान रखते हैं कि उनको कैसे कपड़े पहनने चाहिए, लेकिन अगर सरकार ने यह आदेश लागू कर दिया है तो इसके बेहतर परिणाम आएंगे और शिक्षक अपने ड्रेस ऑफ सेंस को लेकर ज्यादा गंभीर होंगे।
इनके अलावा जब प्राथमिक विद्यालय सहारनपुर के बड़गांव नंबर-1 की प्रधानाचार्या ममता शर्मा से जब पत्रिका संवाददाता ने बात की तो उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला उचित है, लेकिन केवल अध्यापकों के शेविंग बनाने और उनके स्कूल में चप्पल पहनकर न आने से ही सब कुछ बदलने वाला नहीं है। सरकार को अन्य सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। प्राथमिक विद्यालयों में जो हालात हैं उनमें सुधार की बेहद आवश्यकता है।
दरअसल प्राथमिक विद्यालयों के लिए नवनियुक्त कृषि उत्पादन आयुक्त और बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने शिक्षकों के काम के मानक तय कर दिए हैं। सभी शिक्षकों को अब 4 मानकों पर खरा उतराना पड़ेगा। अगर वे मानकों पर खरा नहीं उतरेंगे तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। इसके अलावा डॉ.प्रभात कुमार ने 5 बिंदु तय किए हैं।
वे गुरुवार को कार्यभार ग्रहण करने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के शासन से निदेशालय तक के अधिकारियों से परिचय बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान डॉ. कुमार ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों को प्राइवेट स्कूलों से प्रतिस्पर्धा करनी है तो अपने को हर स्तर पर बदलना होगा। साथ ही प्राइवेट से खुद को हर स्तर पर बेहतर साबित करना होगा। उन्होंने इसके लिए 4-आई और 5 कार्यों का फॉर्मूला सुझाया। उन्होंने अफसरों को शिक्षकों की ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और शासन से स्कूल तक किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार स्वीकार न करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से 50 वर्ष पार करने वाले कर्मियों की स्क्रीनिंग के बारे में जानकारी मांगी, जो कि अधिकारी नहीं दे पाए। उन्होंने मिड-डे मील सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों पर अलग-अलग चर्चा करने की बात कही।
टीचरों के लिए चार मानक
साफ-सफाई
नम्र व्यवहार
सुव्यवस्था
समय की पाबंदी
कर्तव्यनिष्ठता
Published on:
06 Jul 2018 05:08 pm

बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
