
शिक्षक
वाराणसी. बीएड पास अभ्यर्थियों के लिये खुशखबरी है। अब बीएड पास अभथ्यर्थी भी परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बन सकेंगे। एनसीटीई यानि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने साल 2010 में जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए शिक्षक बनने की योग्यता में बीएड को भी शामिल कर लिया है। एनसीईटी के इस फैसले के बाद लाखों बीएड पास अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो गया है। यूपी में बीएड की तकरीबन दो लाख सीटे हैं। हालांकि इस फैसले के साथ एक शर्त भी जोड़ी गयी है कि यदि बीएड पास अभ्यर्थि प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बनते हैं तो उन्हें दो साल के अंदर ही छह महीने का एक ब्रिज कोर्स करना होगा।
इसे भी पढ़ें
बताते चलें कि मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से 23 अगस्त 2010 को जो अधिसूचना जारी की थी उसमें प्राथमिक स्कूलो में बीएड को मान्य नहीं किया गया था। बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों को आखिरी बार 2011 की शिक्षक भर्ती में मौका मिला था। उस समय 72825 शिक्षकों की भर्ती की गयी थी। अब इसमें संशोधन कर बीएड पास अभ्यर्थियों को भी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिये अर्ह कर दिया गया है। एनसीटीई ने इस संशोधन को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
इसे भी पढ़ें
इलाहाबाद में शरारती तत्वों ने शिवलिंग तोड़ा, लोगों में आक्रोश, भारी पुलिस बल तैनात
पांच साल पहले एनसीटीई ने प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिये बीएड को अर्ह नहीं माना था। तब एनसीटीई की गाइडलाइन के मुताबिक प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने के लिये बीटीसी या डीएलएड कोर्स करना जरूरी था। उसके पहले बीएडधारकों को प्राथमिक शिक्षक बनने का मौका मिलता था। पर उस समय जारी इस गाइड लाइन के चलते बीएड का क्रेज गिर गया। बीटीसी पर अभ्यर्थियों का जोर ज्यादा हो गया। यूपी में फिलहाल डेढ़ लाख से अधिक प्राइमरी शिक्षकों के पद खाली हैं।
Published on:
04 Jul 2018 11:13 am

बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
