
नोएडा. वाजिदपुर में हुए ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए थाना एक्सप्रेस-वे पुलिस तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपियों ने ही अपने अन्य चार अन्य साथियों संग ही एक साथी की कार से कुचलकर इसलिए हत्या कर दी थी कि कहीं वह उनके ठगी के कारोबार का भेद न खोल दे। आरोपी एमबीबीएस में एडमिशन और डिग्री देने के नाम पर सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गैंग दिल्ली और नोएडा में क्रैक योर कैरियर कंपनी के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। यह गैंग एमबीबीएस की परीक्षा में बैठने वाले विभिन्न छात्र-छात्राओं को कॉल करके सेंटर पर बुलाकर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिला के नाम पर ठगी करता था। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि इस गिरोह ने काफी बड़े पैमाने पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बनाया है। यह गैंग लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता है।
बताया जा रहा है इस गिरोह ने नोएडा में 65 लाख रुपये की ठगी की है, जिसका बंटवारा करने के लिए यह लोग इकट्ठे हो गए थे। इनमें कंपनी का मैनेजर ऋषिपाल उर्फ संजीव रावत भी शामिल था। इनको शक था कि ऋषिपाल उनके भेद को खोल सकता है। इसलिए इन्होंने उसकी हत्या की योजना बनार्इ और उसे वाजिदपुर गांव के पास ले जाकर कार से कुचलकर हत्या कर दी। इनमें से तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अभी फरार हैं।
आरोपियों के नाम नीरज कुमार सिंह उर्फ हरिंदर सिंह, निखिल गौरव उर्फ समीर राय और धीरेंद्र कुमार शर्मा उर्फ सोहन सिंह हैं। वहीं इनके चार साथियों के नाम एसएस मसरूल उल हक, विकास सिंह, राजेश कुर्मी और अभिषेक आनंद हैं। इनमें से नीरज बिहार से एक अन्य हत्या के मामले भी वांछित है। पुलिस ने आरोपियों से एक लाख रुपये के साथ, 6 फाइल (एमबीबीएस परीक्षा की दे चुके विद्यार्थियों का डाटा), 24 मोहरे, एक विजिटर-एंट्री रजिस्टर, हत्या में इस्तेमाल कार और 8 मोबाइल बरामद किए हैं।
Published on:
25 Sept 2019 04:49 pm
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